गोड्डा : एकीकृत पारा शिक्षक संघ के आह्वान पर जिले के आंदोलनकारी पारा
शिक्षक बुधवार को तीसरे दिन भी शहीद स्तंभ परिसर में भूख हड़ताल पर बैठे।
पारा शिक्षक विगत डेढ़ माह से बेमियादी हड़ताल पर हैं। इसी क्रम में चार
दिनों की भूख हड़ताल आयोजित की गई थी।
बुधवार को इसका तीसरा दिन था। गुरुवार को भूख हड़ताल समाप्त हो जाएगी। हालांकि हड़ताल जारी रहेगी। अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर डटे पारा शिक्षक इस बार आरपार की लड़ाई के मूड में हैं। शिक्षकों के समर्थन में उनके बच्चे भी भूख हड़ताल पर बैठ रहे हैं। गुरुवार को सुंदरपहाड़ी प्रखंड के पारा शिक्षक नुरूल इस्लाम अपनी पुत्री अनीसा परवीन के साथ भूख हड़ताल पर बैठे। बच्ची ने कहा कि मामूली मानदेय पर उनके पिता काम कर रहे हैं। बीमार हैं। इतने कम पैसे से घर भी नहीं चल पा रहा है। सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करे। संघ के संरक्षक मिथिलेश कुमार झा व अमरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि सरकार पूरी तरह तानाशाह हो चुकी है। लेकिन पारा शिक्षक भी पीछे हटनेवाले नहीं हैं। सरकार को जो करना है कर लें। समझौता होगा तो उनकी शर्तों पर होगा और कोई मंत्री और सचिव से नहीं होगा। सीधे मुख्यमंत्री से होगा। यहां नौकरशाह हावी हो चुके हैं जो पारा शिक्षकों के खिलाफ काम कर रहे हैं। यह आंदोलन उन पदाधिकारी के लिए भी सबक है जो उन्हें अधिकारों से वंचित करने में सरकार को सहयोग कर रहे हैं। कहा कि इस बार लड़ाई आरपार की है। जायज मांग जबतक पूरी नहीं हो जाती आंदोलन जारी रहेगा। अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता ने की। मौके पर प्रखंड अध्यक्ष मोती, वीरेंद्र कुमार, ¨ककर कुमार, सुनील चौधरी, अशोक यादव आदि थे।
बुधवार को इसका तीसरा दिन था। गुरुवार को भूख हड़ताल समाप्त हो जाएगी। हालांकि हड़ताल जारी रहेगी। अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर डटे पारा शिक्षक इस बार आरपार की लड़ाई के मूड में हैं। शिक्षकों के समर्थन में उनके बच्चे भी भूख हड़ताल पर बैठ रहे हैं। गुरुवार को सुंदरपहाड़ी प्रखंड के पारा शिक्षक नुरूल इस्लाम अपनी पुत्री अनीसा परवीन के साथ भूख हड़ताल पर बैठे। बच्ची ने कहा कि मामूली मानदेय पर उनके पिता काम कर रहे हैं। बीमार हैं। इतने कम पैसे से घर भी नहीं चल पा रहा है। सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करे। संघ के संरक्षक मिथिलेश कुमार झा व अमरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि सरकार पूरी तरह तानाशाह हो चुकी है। लेकिन पारा शिक्षक भी पीछे हटनेवाले नहीं हैं। सरकार को जो करना है कर लें। समझौता होगा तो उनकी शर्तों पर होगा और कोई मंत्री और सचिव से नहीं होगा। सीधे मुख्यमंत्री से होगा। यहां नौकरशाह हावी हो चुके हैं जो पारा शिक्षकों के खिलाफ काम कर रहे हैं। यह आंदोलन उन पदाधिकारी के लिए भी सबक है जो उन्हें अधिकारों से वंचित करने में सरकार को सहयोग कर रहे हैं। कहा कि इस बार लड़ाई आरपार की है। जायज मांग जबतक पूरी नहीं हो जाती आंदोलन जारी रहेगा। अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता ने की। मौके पर प्रखंड अध्यक्ष मोती, वीरेंद्र कुमार, ¨ककर कुमार, सुनील चौधरी, अशोक यादव आदि थे।