रामगढ़ : सरकार जहां प्रखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा
प्रदान कराने के लिए गंभीर है तो दूसरी तरह सरकार की इस मंशा को नजर अंदाज
कर कई शिक्षक मनमानी से बाज नहीं आ रहे।
प्रखंड के नक्सल प्रभावित सिलठा बी पंचायत अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय पोडैपानी इसकी बानगी है। बुधवार को विद्यालय एक बजे ही बंद कर दिया गया। विद्यालय में पांचवीं कक्षा के छात्र बलराम कुमार, कमलेश कुमार एवं मुन्ना कुमार विद्यालय के बाहर खेल रहे थे। पूछने पर बताया की आज शिक्षक विद्यालय नहीं आये थे। केवल खाना बनानेवाली आयी तथा हमलोगों को खिलाकर विद्यालय बंद कर चली गयी। बच्चों की मानें तो यह विद्यालय प्रतिदिन दोपहर एक बजे के बाद बंद हो जाता है। विद्यालय के शिक्षक द्वारा अभी विद्यालय के कमरा की रंगाई-पोताई भी नहीं कराई गयी है। केवल बाहरी दीवार को रंग दिया गया है। विद्यालय का नाम भी नहीं लिखा गया है। सूचना पट भी नहीं बनाया गया है। शिक्षक विद्यालय के दरवाजा को ही सूचना पट के तौर पर इस्तेमाल करते हैं।
प्रखंड के नक्सल प्रभावित सिलठा बी पंचायत अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय पोडैपानी इसकी बानगी है। बुधवार को विद्यालय एक बजे ही बंद कर दिया गया। विद्यालय में पांचवीं कक्षा के छात्र बलराम कुमार, कमलेश कुमार एवं मुन्ना कुमार विद्यालय के बाहर खेल रहे थे। पूछने पर बताया की आज शिक्षक विद्यालय नहीं आये थे। केवल खाना बनानेवाली आयी तथा हमलोगों को खिलाकर विद्यालय बंद कर चली गयी। बच्चों की मानें तो यह विद्यालय प्रतिदिन दोपहर एक बजे के बाद बंद हो जाता है। विद्यालय के शिक्षक द्वारा अभी विद्यालय के कमरा की रंगाई-पोताई भी नहीं कराई गयी है। केवल बाहरी दीवार को रंग दिया गया है। विद्यालय का नाम भी नहीं लिखा गया है। सूचना पट भी नहीं बनाया गया है। शिक्षक विद्यालय के दरवाजा को ही सूचना पट के तौर पर इस्तेमाल करते हैं।