Advertisement

झारखंड शि‍क्षा विभाग का कारनामा, मैट्रिक पास छात्र की उम्र बताया 117 साल

झारखंड के शिक्षा विभाग से जुड़ा एक मजेदार मामला सामने आया है. शिक्षा विभाग की मानें तो मध्यमा यानि दसवीं पास छात्र अरबाज खान की उम्र 117 साल है. दरअसल, झारखंड एकेडमिक काउंसिल से जारी प्रमाण पत्र में छात्र की जन्मतिथि 9 फरवरी 1900 दर्ज है, जबकि छात्र की सही उम्र 17 साल है. मामला रांची स्थित राजकीय संस्कृत हाई स्कूल का है.

तीन अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा

गोड्डा : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त भुवनेश प्रताप ¨सह ने मंगलवार की शाम जिला स्थापना समिति की बैठक की। इसमें तीन उम्मीदवारों के आवेदन पर चर्चा की गई। एक पुलिस विभाग व दो शिक्षा विभाग से संबंधित था।

पारा शिक्षक होंगे नियमित, 30 जून को अदालत करेगी फैसला

रांची। सोमवार को पारा शिक्षकों की स्थायी सेवाओं से संबंधित याचिका पर आंशिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने अगली तिथि निर्धारित की है। पारा शिक्षकों की सेवा स्थायी करने के लिए दायर याचिका पर हाईकोर्ट में 30 जून को सुनवाई होगी।

प्रोन्नति बिना शिक्षकों का नहीं होगा तबादला

गिरिडीह : विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से वार्ता की।

कस्तूरबा स्कूलों में शिक्षक बहाली प्रक्रिया रद

गोड्डा : कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में शिक्षक पद पर बहाली का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बुरी खबर है। विभाग ने विषय वार शिक्षक बहाली की प्रक्रिया को तत्काल रद कर दिया है। इस बाबत जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने पत्र निर्गत कर दिया है।

योजना-गैर योजना में फंसा उर्दू शिक्षकों का वेतन

रांची : नवनियुक्त उर्दू शिक्षकों का वेतन योजना-गैर योजना मद में फंस गया है। योजना मद में वेतन की राशि आवंटित नहीं होने से अधिकांश जिलों में उर्दू शिक्षकों को कई माह से वेतन नहीं मिल पा रहा है। पिछले वर्ष राज्य सरकार द्वारा वेतन मद की राशि कम भेजे जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।

शिक्षा मंत्री का घेराव करने पहुंचे अभ्यर्थियों ने कहा- शिक्षक नियुक्ति में दो विषयों की बाध्यता समाप्त हो

हाईस्कूलशिक्षक नियुक्ति में दो विषयों की अनिवार्यता खत्म करने की मांग को लेकर मंगलवार को अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री डॉ. नीरा यादव के आवास का घेराव किया। आरक्षण अधिकार मोर्चा के बैनर तले घेराव कर रहे अभ्यर्थियों का नेतृत्व पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने किया।

Don't Miss , Must Read : हम शिक्षक ही क्यों रहें पीछे? व्यंग्य राही की कलम से

व्यंग्य राही की कलम से
आइए हाथ मिलाइए। हम अपने दोनों हाथों की अंगुलियों में अंटी लगाकर सामूहिक प्रण लेते हैं कि जितनी जल्दी हो सकेगा उतनी ही शीघ्रता से इस देश को डुबो कर छोड़ेंगे।

UPTET news

Photography