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झारखंड में दसवीं के शिक्षक बन रहे हैं प्लस टू के प्राचार्य

 रांची (जागरण संवाददाता) । प्रदेश के 510 प्लस टू स्कूलों में अब तक स्थायी प्राचार्यों की नियुक्ति नहीं हुई है। प्रभारी के भरोसे इन स्कूलों में काम चलाया जा रहा है। वह भी हाई स्कूल के शिक्षकों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि वरीयता के आधार पर पीजीटी श्रेणी के शिक्षकों को इससे वंचित रखा गया है।

झारखंड के 61 हजार शिक्षकों ने दीक्षा पोर्टल के माध्यम से लिया प्रशिक्षण

 रांची (जागरण संवाददाता) । शिक्षकों का दीक्षा एप पर आनलाइन शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी है। भारत सरकार द्वारा 90 दिनों का दीक्षा पोर्टल पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसी दिशा में प्रदेश के 61,000 शिक्षकों ने प्रथम चरण का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। 79000 शिक्षकों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था। शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण पूरा करने पर उनके बीच एक सर्वे किया जाएगा। सर्वे में 50 फीसद प्रश्नों का सही जवाब देने वाले शिक्षकों को भारत सरकार द्वारा प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

अभिभावकों ने कहा- टीसी जारी करने के एवज में पैसे लिए, आरोपी पूर्व शिक्षक का इनकार

 नवोदय विद्यालय में फर्जी टीसी के आधार पर कराए गए नामांकन के मामले में भास्कर की पड़ताल में कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए है। इस मामले में हुई फर्जीवाड़े को लेकर भास्कर टीम द्वारा जयनगर व चंदवारा के कई स्कूलों का दौरा कर वस्तु स्थिति जानने की कोशिश की गई।

झारखंड नियोजन नीति : SC के फैसले का इंतजार, नौकरी बचेगी या बेकसूर 14,338 युवाओं की मेहनत हो जायेगी बेकार

 Ranchi : झारखंड सरकार की नियोजन नीति को रद्द करने के झारखंड हाई कोर्ट के फैसले पर पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगा दिया था. सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अब चार नवंबर को सुनवाई करनेवाला है. ऐसे में झारखंड के उन 14,338 अभ्यर्थियों की नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टकटकी लगायी हुई हैं, जिनकी नियुक्ति झारखंड सरकार की उसी नियोजन नीति के आधार पर हुई थी, जिसका अस्तित्व अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निर्भर है.

हाईकोर्ट के आदेशानुसार शिक्षकों मिले प्रोन्नति

 मुरलीपहाड़ी (जामताड़ा): नियुक्ति तिथि से शिक्षकों की प्रोन्नति में आपसी वरीयता निर्धारण के संबंध में चल रही कवायद में हाल में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों का नाम गायब है।

नौ भाषाएं, टीचर सिर्फ दो…दावा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का

 Ranchi : पिछले कई सालों से मोरहाबादी स्थित जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग में सरहुल और करमा जैसे त्योहारों के अवसर पर एक ही बाजा बजता रहा है. वह है विभाग को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का. दरअसल,

शैक्षणिक कैलेंडर से दिसंबर से होंगी कक्षाएं

 झारखंड के कुलाधिपति सह राज्यपाल के साथ वृहस्पतिवार को राज्य के कुलपतियों के साथ ऑनलाइन बैठक हुई। तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में 17 एजेंडे पर बात हुई।

विवि में लंबित नियुक्ति व शिक्षकों की प्रोन्नति का शीघ्र निष्पादन हो: राज्यपाल

 सिटी पोस्ट लाइव, रांची: राज्यपाल-सह-झारखंड राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति   द्रौपदी ने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों में लंबित नियुक्ति के साथ शिक्षकों की प्रोन्नति का शीघ्र निष्पादन हो। इस के लिए विश्विद्यालय और झारखण्ड लोक सेवा आयोग तत्परता एवं सहयोगात्मक भावना के साथ कार्य करें।

शिक्षकों की प्रोन्नति मामले पर जिलों को फटकार

 राज्य के प्रारंभिक स्कूलों के शिक्षकों की प्रोन्नति में जिलों के अधिकारी ही पेच फंसा रहे हैं। प्रमोशन को लेकर पहले ही संकल्प पत्र जारी किए जा चुके हैं, इसके बावजूद जिलों के अधिकारी मार्गदर्शन मांग रहे हैं। जिलों से मांगे गए मार्गदर्शन पर शिक्षा विभाग ने फटकार लगाई है।

झारखंड सरकार नियोजन नीति पर हुए फैसले को सुप्रीम कोर्ट में देगी चुनाैती, सीएम हेमंत की स्वीकृति

 रांची : नियोजन नीति व अनुसूचित जिलों के हाइस्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की नियुक्ति को रद्द करने के फैसले को राज्य सरकार चुनाैती देगी. अपनी नियोजन नीति व शिक्षकों की नाैकरी को बचाने के लिए राज्य सरकार झारखंड हाइकोर्ट की लॉर्जर बेंच के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) दायर करेगी.

सोनी कुमारी बनाम झारखंड राज्य का मामला:हाई स्कूल शिक्षक मामले में सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करेगी सरकार, सीएम ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

 मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोनी कुमारी एवं अन्य बनाम झारखंड राज्य के मामले में झारखंड हाईकोर्ट द्वारा 21 सितंबर 2020 को पारित आदेश के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दायर करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह मामला राज्य के अधिसूचित या गैर अधिसूचित जिलों के जिला स्तर के पदों पर नियुक्ति से संबंधित है।

नियोजन नीति व शिक्षकों की नौकरी बचाने सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकार

 राज्य ब्यूरो, रांची : हेमंत सरकार नियोजन नीति सहित 13 अधिसूचित जिलों के शिक्षकों की नौकरी बचाने की कवायद में जुट गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मंजूरी मिलने के बाद सरकार नियोजन नीति को रद करने और 13 अधिसूचित जिलों के शिक्षकों की नियुक्ति रद करने के झारखंड हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट

झारखंड सरकार शिक्षकों की नौकरी बचाने सुप्रीम कोर्ट जायेगी

 रांची : नियोजन नीति और हाइस्कूल शिक्षकों की नियुक्ति को बचाने के लिए राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी की जा रही है. सरकार सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) दायर कर झारखंड हाइकोर्ट के 21 सितंबर 2020 के आदेश को चुनाैती देगी. महाधिवक्ता राजीव रंजन ने बताया कि सरकार की अनुमति से शीघ्र ही सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर किया जायेगा.

झारखंड के 3,000 से ज्यादा शिक्षकों की सेवाएं जारी रहेंगी : सुप्रीम कोर्ट

 नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को झारखंड के 3,000 से ज्यादा शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें अपनी सेवाएं जारी रखने की अनुमति दी. साथ ही रोजगार नीति 2016 को खत्म करने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर याचिकाओं पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है. 

झारखंड हाइकोर्ट के राज्य की नियोजन नीति के असंवैधानिक करार देने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

 रांची : प्रार्थी सत्यजीत कुमार व अन्य की अोर से सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गयी है. उन्होंने झारखंड हाइकोर्ट के 21 सितंबर 2020 के आदेश को चुनाैती दी है. हाइकोर्ट की लॉर्जर बेंच ने 21 सितंबर 2020 को राज्य सरकार की नियोजन नीति व हाइस्कूल शिक्षक नियुक्ति विज्ञापन को चुनौती देनेवाली याचिका पर फैसला सुनाते हुए नियोजन नीति को असंवैधानिक बताते हुए निरस्त कर दिया था.

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