रांची : स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने मैट्रिक व इंटरमीडिएट में
खराब रिजल्ट होने को गंभीरता से लिया है। विभाग की सचिव आराधना पटनायक ने
सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को रिजल्ट का पूरा ब्योरा के साथ तलब किया
है।
6 जून को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों के साथ विभाग के सभागार में बैठक होगी, जिसमें सभी जिलों के रिजल्ट की व्यापक समीक्षा होगी। जिला शिक्षा पदाधिकारियों को स्कूल वाइज रिजल्ट के साथ बुलाया गया है। साथ ही रिजल्ट खराब होने के कारणों पर जवाब-तलब किया गया है। बड़ी संख्या में स्कूल-कॉलेजों का रिजल्ट शून्य रहा है। इसपर भी संबंधित डीईओ से जवाब मांगा गया है।
विभागीय पदाधिकारी खराब रिजल्ट देनेवाले शिक्षकों पर कार्रवाई के मूड में हैं। 6 जून को होनेवाली बैठकों में उन स्कूलों व विषयों को चिह्नित किया जाएगा, जहां अत्यंत खराब तथा 40 फीसद से कम रिजल्ट है। वहां के शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने पिछले साल भी ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई की थी। वहीं, विभाग इस माह होनेवाले तबादले में वैसे जिला शिक्षा पदाधिकारियों को हटा सकता है, जहां का परिणाम बेहद खराब रहा है। इधर, रिजल्ट के बाद विभाग द्वारा की जा रही समीक्षा को लेकर शिक्षकों में हड़कंप है। खासकर वैसे स्कूल जहां का परिणाम शून्य रहा है, वहां के शिक्षक अपनी सफाई में जुटे हैं। जिला स्तर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी भी ऐसे शिक्षकों से जवाब मांग रहे हैं।
6 जून को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों के साथ विभाग के सभागार में बैठक होगी, जिसमें सभी जिलों के रिजल्ट की व्यापक समीक्षा होगी। जिला शिक्षा पदाधिकारियों को स्कूल वाइज रिजल्ट के साथ बुलाया गया है। साथ ही रिजल्ट खराब होने के कारणों पर जवाब-तलब किया गया है। बड़ी संख्या में स्कूल-कॉलेजों का रिजल्ट शून्य रहा है। इसपर भी संबंधित डीईओ से जवाब मांगा गया है।
विभागीय पदाधिकारी खराब रिजल्ट देनेवाले शिक्षकों पर कार्रवाई के मूड में हैं। 6 जून को होनेवाली बैठकों में उन स्कूलों व विषयों को चिह्नित किया जाएगा, जहां अत्यंत खराब तथा 40 फीसद से कम रिजल्ट है। वहां के शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने पिछले साल भी ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई की थी। वहीं, विभाग इस माह होनेवाले तबादले में वैसे जिला शिक्षा पदाधिकारियों को हटा सकता है, जहां का परिणाम बेहद खराब रहा है। इधर, रिजल्ट के बाद विभाग द्वारा की जा रही समीक्षा को लेकर शिक्षकों में हड़कंप है। खासकर वैसे स्कूल जहां का परिणाम शून्य रहा है, वहां के शिक्षक अपनी सफाई में जुटे हैं। जिला स्तर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी भी ऐसे शिक्षकों से जवाब मांग रहे हैं।