जागरण संवाददाता, गोड्डा : कई माह से टैब का इंतजार कर रहे
प्रधानाध्यापकों के लिए अच्छी खबर है। अब उनका इंतजार खत्म हुआ। विभाग जल्द
ही उन्हें टैबलेट उपलब्ध कराने जा रहा है।
इसके लिए कागजी कार्रवाई शुरू
कर दी गई है। मासांत तक जिले के लगभग सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को
टैब मिल जाएगा। जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को नवंबर 17 में ही टैब
उपलब्ध करा दिया गया था। अब उन्हें वितरित करने का निर्देश राज्य परियोजना
निदेशक उमाशंकर ¨सह ने दिया है। इसके बाद विभाग ने पहल शुरू कर दी है।
प्रधानाध्यापकों को टैब उपलब्ध कराने के बाद विद्यालयों में ज्यादातर
रिपोर्टिंग कार्य आनलाइन निष्पादित किया जाएगा। शिक्षक दिवस के दिन पांच
सितंबर को मुख्यमंत्री ई विद्यावाहिनी कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। क्या है
मामला : जिले के स्कूलों की आनलाइन मानीट¨रग के लिए राज्य परियोजना
मुख्यालय द्वारा सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को ज्ञानोदय योजना के
तहत टैबलेट देने का निर्णय लिया था। इसके तहत वर्ष 2017 में जिले को टैबलेट
प्राप्त भी हो गया था। लेकिन, प्रधानाध्यापकों को प्रशिक्षण नहीं दिए जाने
के कारण टैबलेट का वितरण नहीं किया गया। पिछले दिनों विभाग ने इस कार्य को
भी पूरा कर लिया। अब जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित विद्यालयों के
प्रधानाध्यापकों को टैबलेट के साथ बायोमीट्रिक मशीन भी दी जाएगी। इसके पीछे
विभाग का मकसद जिले में कक्षा एक से आठ तक संचालित स्कूलों को बायोमीट्रिक
एटेंडेंस से जोड़ना, एमडीएम की मॉनीट¨रग व पाठ्य सामग्री विभिन्न एप से
उपलब्ध कराना है। शिक्षकों व छात्रों की उपस्थिति को जानने व विद्यालय की
वास्तविक स्थिति से अवगत होने के लिए विभाग को कई दिनों व घंटों नहीं
इंतजार करना पड़ेगा। टैबलेट के माध्यम से चंद मिनट में यह जानकारी एसएसए की
वेब पोर्टल पर संबंधित विद्यालय प्रधानाध्यापक को अपलोड करनी होगी। इससे
समय की बचत होगी व कार्य निष्पादन में रफ्तार आएगी। लगभग 150 विद्यालयों को
नहीं मिलेगा टैब : जिन विद्यालयों में बच्चों की नामांकन संख्या 30 से कम
है उन विद्यालयों के प्रधानाध्यापक को टैबलेट नहीं दिया जाएगा। विभाग के इस
निर्णय से कहीं खुशी तो कहीं गम है। कुछ शिक्षक यह सोच कर खुश हैं कि
विभाग के इस निर्देश से वह निगरानी व्यवस्था से बच जाएंगे। जबकि, कुछ
टैबलेट पाने की सूची से नाम कट जाने से गम में हैं। वहीं, दो सौ संख्या
वाले नामांकित बच्चों वाले विद्यालयों को एक टैबलेट व बायोमीट्रिक मशीन दी
जाएगी। 201 से एक हजार संख्या वाले नामांकित बच्चों वाले विद्यालयों को दो
टैबलेट व बायोमीट्रिक मशीन दी जाएगी। एक हजार से ज्यादा बच्चों वाले
विद्यालयों को तीन टैबलेट मिलेगा। जिले में 30 बच्चों से कम नामांकन वाले
विद्यालयों की संख्या लगभग 150 है। 30 से कम नामांकन वाले सबसे अधिक
स्कूलों की संख्या सुंदरपहाड़ी में है। बसंतराय में सबसे कम स्कूल हैं।
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जिले के लगभग 1300 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को टैबलेट के साथ
बायोमीट्रिक मशीन दी जाएगी। इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
मासांत तक इसके वितरण का लक्ष्य रखा गया है। टैबलेट संचालन के लिए पहले ही
संबंधित विद्यालय के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
- जितेंद्र कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक, गोड्डा -------------
टैबलेट में इन एप को करना है इंस्टाल
गोड्डा : स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के अनुसार प्रधानाध्यापकों
को ई विद्यावाहिनी एप्लीकेशन, एनसीईआरटी द्वारा प्रदत्त एवं शिक्षकों
द्वारा चयनित ई कंटेंट, ई पाठशाला के चार एप्लीकेशन (कक्षा पहली से 12वीं.
तक), वीडियो का¨लग एप, एमडीएम मानीट¨रग एप, बायोमीट्रिक साफ्टवेयर, वोल्टी
साफ्टवेयर आदि इंस्टाल करना है।
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