Advertisement

झारखंड में हजारों प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को 'टेट' का इंतजार

रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड में शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त करनेवाले हजारों अभ्यर्थियों को अगली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) का इंतजार है। यह परीक्षा नहीं होने से वे शिक्षक नियुक्ति के लिए आवश्यक अर्हता से वंचित हो रहे हैं। इससे वे सरकारी स्कूलों के अलावा निजी स्कूलों में भी शिक्षक नियुक्ति नहीं हो पा रहे हैं। केंद्र सरकार कई बैठकों में राज्य में नियमित रूप से शिक्षक पात्रता परीक्षा नहीं होने पर सवाल उठा चुकी है।


झारखंड में अगली शिक्षक पात्रता परीक्षा संबंधित नियुक्ति नियमावली में संशोधन को लेकर दो वर्ष से अधिक समय से लटकी हुई है। यह परीक्षा प्रत्येक वर्ष होनी चाहिए थी। लेकिन निश्शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद राज्य में आठ वर्षो में महज दो परीक्षा हो सकी है। पिछली परीक्षा वर्ष 2015-16 में हुई थी। इससे पहले यह परीक्षा लंबे इंतजार के बाद 2012-13 में हुई थी।

सरयू बम फुस्‍स... बार-बार मिसफायर हो रहा शॉट गन
यह भी पढ़ें

नियुक्ति में भी होगी देरी

शिक्षक पात्रता परीक्षा में देरी होने से प्राथमिक शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति में भी देरी होगी। फिलहाल राज्य सरकार वर्ष 2016 में प्राथमिक शिक्षकों की हुई नियुक्ति के तहत एक और काउंसिलिंग ही करा रही है।

यह हो रहा संशोधन

ये हैं जामताड़ा-देवघर के 12 साइबर अपराधी, यही उड़ाते हैं आपके बैंक खाते से पैसे
यह भी पढ़ें

- शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) के आधार पर सफल अभ्यर्थियों को मिलनेवाले प्रमाणपत्रों की मान्यता अब सात साल तक रहेगी। इससे इस परीक्षा में सफल अभ्यर्थी सात वर्षो तक शिक्षक बनने की पात्रता रखेंगे। अभी तक राज्य में हुई दो पात्रता परीक्षा के प्रमाणपत्रों की मान्यता पांच वर्ष तक ही थी।

- शिक्षक पात्रता परीक्षा के पैटर्न में भी आंशिक बदलाव किया जा रहा है। यह परीक्षा अब पूरी तरह सीटेट की तर्ज पर होगी। 

UPTET news

'; (function() { var dsq = document.createElement('script'); dsq.type = 'text/javascript'; dsq.async = true; dsq.src = '//' + disqus_shortname + '.disqus.com/embed.js'; (document.getElementsByTagName('head')[0] || document.getElementsByTagName('body')[0]).appendChild(dsq); })();

Photography