स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने जारी किया पत्र
निदेशालय की स्वीकृति के बाद मूल पदस्थापन कार्यालय से मिलेगा वेतन
रांची : राज्य के स्कूलों के शिक्षक व कर्मियों की प्रतिनियुक्ति रद्द
होगी. तीन वर्ष से अधिक समय से प्रतिनियुक्त शिक्षक व कर्मियों की
प्रतिनियुक्ति रद्द करने आदेश दिया गया है. स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग
ने इस संबंध में पत्र जारी किया है.
विभाग की ओर से इस संबंध में सभी उपायुक्त, क्षेत्रीय उप शिक्षा
निदेशक, जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला शिक्षा अधीक्षक को पत्र भेजा गया
है.
विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश में कहा गया है कि राज्य में
प्रतिनियुक्त सभी शिक्षक व लिपिक जो तीन वर्ष से अधिक समय से प्रतिनियुक्ति
पर हैं, उनकी समीक्षा करते हुए जल्द से जल्द उनकी प्रतिनियुक्ति रद्द की
जाये. इसके अलावा किसी भी प्रतिनियुक्त कर्मी का वेतन मूल पदस्थापन
कार्यालय से तब तक देय नहीं होगा, जब तक उनकी प्रतिनियुक्ति की पुष्टि
सक्षम प्राधिकार निदेशक स्तर से नहीं की जाती है. उल्लेखनीय है कि राज्य के
स्कूलों के लिपिक व शिक्षक विद्यालय के बाहर दूसरे कार्यालयों में वर्षों
से प्रतिनियुक्त हैं. इससे विद्यालय का कामकाज प्रभावित हो रहा है.
डीइओ कार्यालय में प्रतिनियुक्त राजेंद्र शाह की प्रतिनियुक्ति समाप्त
जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय रांची में वर्षों से प्रतिनियुक्त
लिपिक राजेंद्र शाह की प्रतिनियुक्ति स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने
तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है. राजेंद्र शाह मूल रूप से प्रोजेक्ट
उच्च विद्यालय जोन्हा में लिपिक पद कार्यरत हैं. वह वर्षों से जिला शिक्षा
पदाधिकारी कार्यालय में प्रतिनियुक्त थे. विभाग को इस संबंध में शिकायत की
गयी थी.
स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के
क्षेत्रीय उप शिक्षा निदेशक से मामले की जांच करायी थी. जांच के बाद
राजेंद्र शाह को जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से हटाने का अादेश दिया
गया.
संघ ने विभाग के निर्देश का किया स्वागत, पूर्व के प्रतिनियोजन की जांच हो
झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों का प्रतिनियोजन समाप्त
करने के विभाग के निर्देश का स्वागत किया है. संघ का कहना है शिक्षकों के
प्रतिनियोजन को लेकर पहले भी समय-समय पर पत्र जारी किया गया है.
इसके बाद भी राज्य के कई जिलों में जिला स्तर पर शिक्षकों का
प्रतिनियोजन किया जाता है. इससे पठन-पाठन पर प्रतिकूल असर पड़ता है. संघ के
महासचिव योगेंद्र तिवारी ने जिला स्तर पर जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय
द्वारा शिक्षकों के प्रतिनियुक्ति की जांच की भी मांग की है. जांच के लिए
विभागीय स्तर पर कमेटी गठित करने की मांग की है.