जमशेदपुर/रांची: सरकार में काम करनेवाले अधिकारियों की जरूरत है. काम
नहीं करनेवाले अपना ट्रांसफर करा लें, अन्यथा राज्य सरकार उन्हें वीआरएस दे
देगी. यह बात राज्य की शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव ने कही. वह मंगलवार को
स्थानीय परिसदन में पत्रकारों से बात कर रही थीं. स्कूली शिक्षा एवं
साक्षरता विभाग की सचिव के साथ विभागीय कार्य में उनके साथ तालमेल के संबंध
में पूछने पर डॉ यादव ने उक्त बातें कही.
उन्होंने कहा कि सचिव का काम योजनाओं पर विकल्प देना है, न कि निर्णय लेना. निर्णय लेना सरकार का काम है. क्योंकि जनता को जवाब तो सरकार को देना है. अत: सरकार के अधीन जो भी अधिकारी हैं, उन्हें आदेश मानना व काम करना होगा.
हाई स्कूलों में शिक्षक नियुक्ति जल्द : इससे पूर्व शिक्षा मंत्री ने
कहा कि राज्य में हाई स्कूलों के लिए शिक्षकों की नियुक्ति जल्द होगी. इसकी
फाइल तेजी से मूव कर रही है. सरकार भी समझती है कि शिक्षकों की कमी के
कारण रिजल्ट प्रभावित हो रहा है. इस बार भी इस वजह से रिजल्ट प्रभावित हुआ
है. अत: जल्द की नियुक्ति की जायेगी.
नये कॉलेजों पर उपायुक्त से लेंगे जानकारी : पूर्वी सिंहभूम के
जुगसलाई तथा पश्चिमी सिंहभूम व सरायकेला-खरसावां जिला के विभिन्न प्रखंडों
में नये डिग्री कॉलेजों की स्थापना के संबंध में पूछने पर शिक्षा मंत्री डॉ
नीरा यादव ने कहा कि इस संबंध में वह उपायुक्त से पूछेंगी. आवश्यकता हुई,
तो उसके बाद जिला प्रशासन व विवि को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया जायेगा.
जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय को जल्द अस्तित्व में लाने का प्रयास :
शिक्षा मंत्री ने कहा कि जमशेदपुर महिला विवि जल्द अस्तित्व में आये, इसके
लिए सरकार प्रयास कर रही है. इस संबंध में उपायुक्त से उन्होंने जमीन आवंटन
के संबंध में जानकारी ली है. उन्होंने कहा कि हम भी चाहते हैं कि जिस
योजना या कार्य को हमने शुरू किया, उसका उदघाटन भी करें.
बीएड के सेंट्रलाइज्ड एडमिशन टेस्ट में तकनीकी बाधा : एक सवाल पर डॉ
नीरा यादव ने कहा कि राज्य भर के कॉलेजों में बीएड में एडमिशन के लिए
सेंट्रलाइज्ड टेस्ट शुरू करने की योजना है, लेकिन इसमें तकनीकी बाधाएं हैं.
ऐसे कई हिस्से, खासकर ग्रामीण क्षेत्र हैं, जहां इंटरनेट ठीक से काम नहीं
करता. इस तरह के और भी तकनीकी कारण हैं, इस कारण इस प्रस्ताव पर सरकार
फिलहाल विचार कर रही है.
विश्वविद्यालयों में भी होगी शिक्षक नियुक्ति : शिक्षा मंत्री ने कहा
कि राज्य के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी है. इस पर भी विभाग काम
कर रहा है. विश्वविद्यालयों में भी शिक्षकों की नियुक्ति होगी. फिलहाल
शिक्षकों की कमी की समस्या से निपटने व कक्षाओं के नियमित संचालन के लिए
कुलपतियों को अनुबंध पर शिक्षकों की नियुक्ति करने का निर्देश दिया गया है.
विश्वविद्यालयों में नियुक्ति चल भी रही है.