रांची : राज्य के लगभग 67 हजार पारा शिक्षकों को पांच माह से मानदेय
का भुगतान नहीं हुआ है. इससे पारा शिक्षकों को आर्थिक तंगी का सामना करना
पड़ रहा है.
राज्य के कई जिलों में अक्तूबर से पारा शिक्षकों के मानदेय का भुगतान
बकाया है. इस दौरान 15 नवंबर से 17 जनवरी तक पारा शिक्षक हड़ताल पर थे.
पारा शिक्षकों के हड़ताल अवधि के मानदेय का भुगतान नहीं किया जायेगा. इससे
पूर्व के लगभग डेढ़ माह व हड़ताल के बाद के जनवरी व फरवरी के मानदेय का
भुगतान बकाया है.
हड़ताली पारा शिक्षकों को पांच में से तीन माह का एवं जो पारा शिक्षक
हड़ताल पर नहीं गये, उनके पांच माह के मानदेय का भुगतान बकाया है. पारा
शिक्षकों को मानदेय भुगतान के लिए शिक्षा परियोजना ने राज्य सरकार से 200
करोड़ रुपये की मांग की है.
इस संबंध में राज्य परियोजना कार्यालय ने वित्त विभाग को प्रस्ताव
भेजा है. केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में लगभग 23 हजार पारा
शिक्षकों के मानदेय भुगतान के लिए राशि परियोजना को नहीं दी. केंद्र सरकार
की ओर से कहा गया कि राज्य में प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में शिक्षकों के
सृजित पद रिक्त हैं. राज्य सरकार इन पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति करे.
केंद्र सरकार द्वारा अब तक दी गयी राशि से सभी पारा शिक्षकों के मानदेय का
भुगतान किया गया.
अब पारा शिक्षकों के मानदेय के लिए परियोजना के पास राशि उपलब्ध नहीं
है, इस कारण परियोजना ने सरकार से राशि की मांग की है. पारा शिक्षकों के
मानदेय का 60 फीसदी राशि केंद्र व 40 फीसदी राशि राज्य सरकार देती है. पारा
शिक्षकों को होली के पहले मानदेय भुगतान होने की संभावना है.
जल्द मानदेय भुगतान करने की मांग
एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के संजय दुबे ने कहा कि पारा
शिक्षकों को मानदेय का भुगतान नहीं हो रहा है. पांच माह से पारा शिक्षकों
के मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है. मानदेय भुगतान नहीं होने से पारा शिक्षक
आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं. उन्होंने सरकार से मांग की है कि पारा
शिक्षकों के बकाया मानदेय का भुगतान जल्द किया जाये.