रांची. राज्य के 982 गैर सरकारी व अल्पसंख्यक प्राथमिक, मध्य व
माध्यमिक स्कूल में कार्यरत 6231 शिक्षाकर्मी शिक्षक दिवस का बहिष्कार
करेंगे. सरकार की शिक्षक विरोधी नीति के विरोध में शिक्षक दिवस समारोह में
शामिल नहीं होंगे.
शिक्षाकर्मी काला बिल्ला लगा कर दैनिक कार्य दिवस के अनुसार, पठन-पाठन का कार्य करेंगे.दिन के तीन बजे सभी जिलों के उपायुक्त को शिक्षाकर्मियों की समस्या से संबंधित पांच सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन साैंपा जायेगा.
शिक्षाकर्मी काला बिल्ला लगा कर दैनिक कार्य दिवस के अनुसार, पठन-पाठन का कार्य करेंगे.दिन के तीन बजे सभी जिलों के उपायुक्त को शिक्षाकर्मियों की समस्या से संबंधित पांच सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन साैंपा जायेगा.
18 सितंबर तक समस्याओं का समाधान नहीं होने पर 19 सितंबर को राज्यस्तरीय प्रदर्शन कर शिक्षा मंत्री को ज्ञापन साैंपा जायेगा. शिक्षाकर्मियों की समस्याअों के समाधान होने तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रखा जायेगा. उक्त बातें सोमवार को झारखंड अल्पसंख्यक प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय शिक्षक-शिक्षकेतर समन्वय समिति के पदाधिकारियों ने संत जॉन्स हाइस्कूल परिसर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही.
समिति के संयोजक फादर फ्लोरेंस कुजूर, फादर एरेनसियुस मिंज व महासचिव निरंजन कुमार शांडिल ने संयुक्त रूप से कही. उन्होंने कहा कि एकीकृत बिहार के समय से सरकार द्वारा स्वीकृत पद के विरुद्ध विधिवत रूप से नियुक्त शिक्षाकर्मियों को सरकारी शिक्षाकर्मियों के समान वेतन सहित सारी सुविधाएं देने का स्पष्ट आदेश है. इसके बावजूद शिक्षाकर्मी सातवें वेतनमान से वंचित हैं. नियमित वेतन का भुगतान नहीं किया जाता है.
माध्यमिक स्कूलों के शिक्षाकर्मियों को मार्च 2017 से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. अंशदायी पेंशन योजना, अव्यवहृत अवकाश के समतुल्य नकद राशि का भुगतान, लंबित नियुक्ति व वेतन निर्धारण का अनुमोदन, प्रवरण वेतनमान, परिवहन भत्ता की सुविधा, अनियमित वेतन भुगतान की समस्या बरकरार है. सरकार को कई बार समस्या की जानकारी दी गयी. सरकार के स्तर पर बार-बार आश्वासन मिला, लेकिन समाधान नहीं निकाला गया.