रांची। कौशल विकास योजना के तहत विद्यालय से ड्रापआउट हुए 2792 स्टूडेंट्स को प्रशिक्षित कर नियोजित किया जा चुका है। जिसमें से 61 अति कमजोर जनजातीय समूह के युवक-युवतियों को कल्याण गुरुकुल के माध्यम से पहली बार कौशल विकास करते हुए उन्हें नियमित नियोजन दिया गया है।
राज्य में 2017-18 में 15 अतिरिक्त कल्याण गुरुकुल की स्थापना के लिए कार्य किया जा रहा है ताकि हर वर्ष 9000 युवक-युवतियों को कौशल प्रशिक्षण देकर उनका नियोजन किया जा सके। उपरोक्त जानकारी कल्याण विभाग की मंत्री लुईस मरांडी ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी।
शिक्षक नियुक्ति नियमावली बनाया गया
उन्होंने कहा- कल्याण विभाग द्वारा संचालित स्कूलों के कुल 34 लाख से अधिक छात्रों को छात्रवृति दी गई है। इसमें से क्लास 5 से ऊपर के 14 लाख से अधिक स्टूडेंट्स को डीबीटी के माध्यम से छात्रवृति का भुगतान किया जा रहा है। छात्रों के ड्रापआउट होने की समस्या को ध्यान में रखते हुए विभाग ने 65 प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों का उत्क्रमित कर उच्च विद्यालय बनाया है। कल्याण विभाग के स्कूलों में हमेशा ही शिक्षकों की कमी रहती थी, जिसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने शिक्षक नियुक्ति नियमावली बना लिया है। अब राज्य में 500 कल्याण स्कूल के शिक्षकों की नियुक्ति जल्द की जाएगी।
पठन-पाठन की सामग्री उपलब्ध कराने के लिए पूर्ववर्ती दर को बढ़ा 32,410 रुपए कर दिया गया
उन्होंने बताया कि कल्याण विभाग का उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अति कमजोर जनजातीय समूह, अल्पसंख्यक एवं पिछड़े वर्ग के लोगों का कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समग्र विकास करना है। उन्होंने कहा कि कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों में अध्ययन कर रहे छात्र-छात्राओं को आवास, भोजन, पोशाक एवं पठन-पाठन की सामग्री उपलब्ध कराने के लिए पूर्ववर्ती दर 14,590 रुपए को बढ़ा कर 32,410 रुपए कर दिया गया है। साथ ही इन विद्यालयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स के साथ संबंधित शिक्षकों को सम्मानित करने का काम भी विभाग द्वारा किया जा रहा है। लुईस मरांडी ने कहा कि विभाग ने अनुसूचित क्षेत्रों में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के 95 माध्यमिक विद्यालयों में 190 अतिरिक्त कक्षाए 20 उच्च विद्यालयों में बहुद्देशीय भवन एवं 10 उत्क्रमित उच्च विद्यालयों में भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। लुईस मरांडी ने जानकारी दी कि विभाग ने शिक्षा ऋण गारंटी योजना के माध्यम से 50 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान लाया है ताकि उच्च शिक्षा के लिए स्टूडेंट्स को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हो।
11 आईटीआई एवं 3 पॉलिटेकनिक निर्माण योजनाएं क्रियान्वयन में
लुईस मरांडी ने बताया कि झारखंड के वीर सपूतों के गांवों में बेहतर सुविधा उपलब्ध करने के लिए वर्ष 2017-18 में 30 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि एमएसडीपी योजना राज्य के 16 अल्पसंख्यक बाहुल्य जिलों के 44 प्रखंडों में कार्यान्वित है। जिसके तहत 11 आईटीआई एवं 3 पॉलिटेकनिक निर्माण योजनाएं क्रियान्वयन में है। इन योजनाओं के लिए केन्द्र सरकार ने 3800 लाख की विमुक्ति प्रदान की है जो पूर्व वर्षों की तुलना में तीन गुणा अधिक है। लुईस मरांडी ने कहा कि विभाग द्वारा आजीविका एवं आय संवर्धन के क्षेत्र में राज्य के 13 अनुसूचित जिलों के 30 प्रखंडों के अन्तर्गत 1259 गांवों में तालाब निर्माण, मुर्गी पालन, सुअर पालन, श्री विधि द्वारा धान की खेती, पोषण वाटिका, बागवानी, कुप निर्माण आदि परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। संवाददाता सम्मेलन में अपर सचिव, कल्याण विभाग, हर्षमंगला, विशेष सचिव कल्याण विभाग, सीके सिंह, निदेशक समाज कल्याण विभाग, राजीव रंजनए आईसीपीएस के प्रोजेक्ट निदेशक राकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
राज्य में 2017-18 में 15 अतिरिक्त कल्याण गुरुकुल की स्थापना के लिए कार्य किया जा रहा है ताकि हर वर्ष 9000 युवक-युवतियों को कौशल प्रशिक्षण देकर उनका नियोजन किया जा सके। उपरोक्त जानकारी कल्याण विभाग की मंत्री लुईस मरांडी ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी।
शिक्षक नियुक्ति नियमावली बनाया गया
उन्होंने कहा- कल्याण विभाग द्वारा संचालित स्कूलों के कुल 34 लाख से अधिक छात्रों को छात्रवृति दी गई है। इसमें से क्लास 5 से ऊपर के 14 लाख से अधिक स्टूडेंट्स को डीबीटी के माध्यम से छात्रवृति का भुगतान किया जा रहा है। छात्रों के ड्रापआउट होने की समस्या को ध्यान में रखते हुए विभाग ने 65 प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों का उत्क्रमित कर उच्च विद्यालय बनाया है। कल्याण विभाग के स्कूलों में हमेशा ही शिक्षकों की कमी रहती थी, जिसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने शिक्षक नियुक्ति नियमावली बना लिया है। अब राज्य में 500 कल्याण स्कूल के शिक्षकों की नियुक्ति जल्द की जाएगी।
पठन-पाठन की सामग्री उपलब्ध कराने के लिए पूर्ववर्ती दर को बढ़ा 32,410 रुपए कर दिया गया
उन्होंने बताया कि कल्याण विभाग का उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अति कमजोर जनजातीय समूह, अल्पसंख्यक एवं पिछड़े वर्ग के लोगों का कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समग्र विकास करना है। उन्होंने कहा कि कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों में अध्ययन कर रहे छात्र-छात्राओं को आवास, भोजन, पोशाक एवं पठन-पाठन की सामग्री उपलब्ध कराने के लिए पूर्ववर्ती दर 14,590 रुपए को बढ़ा कर 32,410 रुपए कर दिया गया है। साथ ही इन विद्यालयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स के साथ संबंधित शिक्षकों को सम्मानित करने का काम भी विभाग द्वारा किया जा रहा है। लुईस मरांडी ने कहा कि विभाग ने अनुसूचित क्षेत्रों में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के 95 माध्यमिक विद्यालयों में 190 अतिरिक्त कक्षाए 20 उच्च विद्यालयों में बहुद्देशीय भवन एवं 10 उत्क्रमित उच्च विद्यालयों में भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। लुईस मरांडी ने जानकारी दी कि विभाग ने शिक्षा ऋण गारंटी योजना के माध्यम से 50 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान लाया है ताकि उच्च शिक्षा के लिए स्टूडेंट्स को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हो।
11 आईटीआई एवं 3 पॉलिटेकनिक निर्माण योजनाएं क्रियान्वयन में
लुईस मरांडी ने बताया कि झारखंड के वीर सपूतों के गांवों में बेहतर सुविधा उपलब्ध करने के लिए वर्ष 2017-18 में 30 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि एमएसडीपी योजना राज्य के 16 अल्पसंख्यक बाहुल्य जिलों के 44 प्रखंडों में कार्यान्वित है। जिसके तहत 11 आईटीआई एवं 3 पॉलिटेकनिक निर्माण योजनाएं क्रियान्वयन में है। इन योजनाओं के लिए केन्द्र सरकार ने 3800 लाख की विमुक्ति प्रदान की है जो पूर्व वर्षों की तुलना में तीन गुणा अधिक है। लुईस मरांडी ने कहा कि विभाग द्वारा आजीविका एवं आय संवर्धन के क्षेत्र में राज्य के 13 अनुसूचित जिलों के 30 प्रखंडों के अन्तर्गत 1259 गांवों में तालाब निर्माण, मुर्गी पालन, सुअर पालन, श्री विधि द्वारा धान की खेती, पोषण वाटिका, बागवानी, कुप निर्माण आदि परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। संवाददाता सम्मेलन में अपर सचिव, कल्याण विभाग, हर्षमंगला, विशेष सचिव कल्याण विभाग, सीके सिंह, निदेशक समाज कल्याण विभाग, राजीव रंजनए आईसीपीएस के प्रोजेक्ट निदेशक राकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।