ललपनिया (बेरमो) : पारा शिक्षकों को बीते छह माह से मानदेय नहीं मिला है।
इस कारण उनके समक्ष आर्थिक समस्या उत्पन्न हो गई है। अर्थाभाव में पारा
शिक्षकों के परिजन भुखमरी की स्थिति में जी रहे हैं। पारा शिक्षक इसके
विरोध में आगमी 12 मार्च को परियोजना भवन रांची में एक दिवसीय धरना
प्रदर्शन करेंगे।
उक्त जानकारी पारा शिक्षक संघ के पंचदेव महतो ने दी। उन्होंने बताया कि पारा शिक्षकों को छह माह से मानदेय नहीं मिलने से उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड रहा है। बच्चों की पढ़ाई, घर का राशन-पानी और दवा आदि की व्यवस्था में उन्हें परेशानी हो रही है। बीमारियों से जूझ रहे अपने परिजनों का इलाज कराने में भी पारा शिक्षक असमर्थ हैं। उन्होंने बताया कि जब एकीकृत पारा शिक्षक संघ के आह्वान पर बीते 15 नवंबर 2018 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की गई थी तब 90 दिन बाद सरकार ने उनकी मागों को मानी थी और 17 जनवरी को पारा शिक्षक और सरकार के साथ समझौता वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त हुआ था। वार्ता के दो माह गुजर गए लेकिन अबतक इसपर सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की गई है। छह माह से मानदेय नहीं दिया गया है वहीं चुनाव को लेकर पारा शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए कभी प्रखंड मुख्यालय तो कभी जिला मुख्यालय भेजा जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि अविलंब बकाया मानदेय का भुगतान किया जाए।
उक्त जानकारी पारा शिक्षक संघ के पंचदेव महतो ने दी। उन्होंने बताया कि पारा शिक्षकों को छह माह से मानदेय नहीं मिलने से उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड रहा है। बच्चों की पढ़ाई, घर का राशन-पानी और दवा आदि की व्यवस्था में उन्हें परेशानी हो रही है। बीमारियों से जूझ रहे अपने परिजनों का इलाज कराने में भी पारा शिक्षक असमर्थ हैं। उन्होंने बताया कि जब एकीकृत पारा शिक्षक संघ के आह्वान पर बीते 15 नवंबर 2018 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की गई थी तब 90 दिन बाद सरकार ने उनकी मागों को मानी थी और 17 जनवरी को पारा शिक्षक और सरकार के साथ समझौता वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त हुआ था। वार्ता के दो माह गुजर गए लेकिन अबतक इसपर सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की गई है। छह माह से मानदेय नहीं दिया गया है वहीं चुनाव को लेकर पारा शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए कभी प्रखंड मुख्यालय तो कभी जिला मुख्यालय भेजा जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि अविलंब बकाया मानदेय का भुगतान किया जाए।