278 शिक्षकों ने उपायुक्त कार्यालय में दर्ज करायीं आपत्तियां
रांची : अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की रांची जिला इकाई की बैठक
शनिवार को हुई. इसमें प्राथमिक शिक्षकों का युक्तिकरण (समायोजन) नहीं कर,
सामूहिक स्थानांतरण करने का विरोध किया गया.
संघ ने इसे रद्द करने की मांग की. 10 सितंबर को दिन के तीन बजे
उपायुक्त के समक्ष विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया गया. सकारात्मक
कार्रवाई नहीं हुई, तो शिक्षक अलबर्ट एक्का चाैक पर युक्तिकरण आदेश की
प्रति जलायेंगे. राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव से मिल
कर युक्तिकरण आदेश को रद्द करने की मांग की जायेगी.
बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सलीम सहाय ने की. युक्तिकरण के संबंध
में प्रकाशित विज्ञप्ति में उल्लेखित शर्तों को खारिज करते हुए कहा गया कि
यह झूठ का पुलिंदा है. इसमें दर्शायी गयी शर्तों में से एक में भी नियमों
का पालन नहीं किया गया है. सिर्फ शिक्षक व शिक्षिकाअों को प्रताड़ित करने
के उद्देश्य से युक्तिकरण का कार्य किया गया है.
पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि शिक्षकों का युक्तिकरण के
नाम पर शोषण नहीं किया जाये. विभागीय नियम का पालन करते हुए शिक्षकों को
उनके गृह प्रखंडों में पदस्थापित किया जाना चाहिए. उधर, शनिवार को 278
शिक्षक व शिक्षिकाअों ने उपायुक्त कार्यालय में आपत्तियां दर्ज करायीं. इस
अवसर पर मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद, कृष्णा शर्मा, सुधीर सिंह, मदन स्वांसी,
रेणु कुमारी, दिव्य रानी आदि उपस्थित थे.
पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा की बैठक आज : एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष
मोर्चा के तत्वावधान में नाै सितंबर को मोरहाबादी मैदान स्थित दादा-दादी
पार्क में महत्वपूर्ण बैठक बुलायी गयी है. इसमें सभी जिलाध्यक्ष, प्रखंड
अध्यक्ष, सचिव सहित सभी संगठनों के शीर्ष नेतृत्वकर्ताअों से भाग लेने की
अपील की गयी है.
पारा शिक्षकों को प्रताड़ित नहीं करें : सांसद
रांची के सांसद रामटहल चाैधरी ने मुख्यमंत्री रघुवर दास को पत्र लिख
कर कहा है कि जिले में युक्तिकरण के नाम पर पारा शिक्षकों को प्रताड़ित
किया जा रहा है.
उन्हें दूर-दराज के विद्यालयों में स्थानांतरित किया गया है, जबकि
पारा शिक्षकों को अपने गांव, पंचायत या बगल के पंचायत में सामंजन करना है,
लेकिन जिले के अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया. नियमों की अनदेखी कर पारा
शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है. कम मानदेय पानेवाले पारा शिक्षकों को
दूर के विद्यालय में पढ़ाना मुश्किल हो जायेगा. पारा शिक्षकों से पूछ कर ही
स्थानांतरण करना चाहिए था. ऐसे में राज्य सरकार की बदनामी हो रही है.
इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करने की मांग करते हुए स्थानांतरण
प्रक्रिया रद्द करने को कहा. सांसद श्री चाैधरी ने कहा कि मामले की जांच कर
संबंधित पदाधिकारी पर तुरंत कार्रवाई की जाये. आज अनेकों
शिक्षक-शिक्षिकाएं उनसे मिलने पहुंचे आैर अपनी पीड़ा से उन्हें अवगत कराया.