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पारा शिक्षकों की छंटनी व शोषण करना बंद करे सरकार, नहीं तो करेंगे आंदोलन

एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा की जिला इकाई की बैठक रविवार को गांधी मैदान में हुई। बैठक की अध्यक्षता मोर्चा के अगुआ नेता निलाम्बर मंडल ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से एकरूपता के साथ पारा शिक्षकों को छत्तीसगढ़ के तर्ज पर वेतनमान एवं स्थायीकरण करने की मांग की गई।
कहा गया कि यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो आने वाले दिनों में सरकार को पारा शिक्षकों के कोपभाजन का शिकार होना पड़ेगा। कहा कि विद्यालय मर्ज के नाम पर तरह-तरह के हथकंडा अपनाकर पारा शिक्षकों को छांटना और शोषण करना सरकार छोड़े। कहा कि पारा शिक्षक भलिभांति सरकार के नुमाइंदे की चाल समझ रहे हैं। शिक्षा सचिव के कल के बयान की कड़ी निंदा की गई।

साथ ही- टैब ई विद्यावाहिनी, बायोमैट्रिक्स सिस्टम का खुलकर विरोध जिला के पारा शिक्षकों ने किया। कहा कि जबतक बेतनमान नहीं तबतक विरोध किया जाएगा। कहा कि तरह तरह से सरकार पारा शिक्षकों का शोषण कर रही है। 4-5 माह का बकाया मानदेय के बदले महज दो माह का दिया जाना कैसा न्याय है। जब सभी राज्यों में स्थायीकरण तो झारखंड में क्यों नहीं। 15,16 वर्षों से सेवा दे रहे पारा शिक्षक दक्ष नहीं है। बैठक में सुरेश मंडल, रंजीत महतो, दिलिप मंडल, संतोष निर्भय, उदय किशोर, अजीत सिंह, विकास चंद्र, लखीराम भंडारी, सविता, सरिता, छोटेलाल, उमेश मिश्रा, अनवर, समीम, चतुर्वेदी, मिथिलेश, केके मांझी आदि थे।

बैठक में शामिल पारा शिक्षक।

स्थायीकरण के लिए राज्य भर में होगा आंदोलन

कहा गया कि अब बहुत हो गया स्थायीकरण के लिए हर तरह उग्र आंदोलन के लिए तैयार है। राज्य कमेटी विगुल फूंके। बैठक में बारी बारी से विचार रवींद्र सिंह, सुमन कुमार, मिहिर साधु, विजय कुमार वर्मण, नाला से शांतिमय मन्ना, कुंडहित से दामोदर घोष, तापस राय, फतेहपुर से ननीगोपाल यादव, करमाटांड़ से अब्दुल सत्तार आदि ने विचार रखा।

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