महुआडांड़प्रखंड के राजकीयकृत उच्च विद्यालय परिसर मेंं शुक्रवार को बीईईओ
सविंद्र नायक की अध्यक्षता में गुरुगोष्ठी संपन्न हुई। इसमें मुख्य रुप से
शिशु पंजी दुरुस्त करने का निर्देश दिया।
बीईईओ ने कहा कि जिन स्कूल में बच्चों की संख्या कम है, उनका नामांकन पास के स्कूल में कराएं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि परेवा के बच्चों को उरम्बी, बांसडीह को ढोडाडीह, शाहपुर को विश्रामपुर, कोरकोटडीह को डुमरडीह, धवाईटोली को सिदरा स्कूल में नामांकन कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने एमडीएम के चावल का उठाव जनवितरण प्रणाली के नजदीकी डीलर से करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने सभी शिक्षकों को ससमय स्कूल खोलने, बच्चों को मेन्यू के अनुसार मध्याह्न भोजन देने का सख्त निर्देश दिया। कहा कि अगर शिक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बरती गई तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नि:शक्त बच्चों का प्रखंड स्तर पर चयन कर खेलकूद प्रतियोगिता कराने का निर्देश दिया। इसके लिए शिक्षक रमेश महली, सुरन नगेसिया, अनुकिरण तिग्गा, सीता कुमारी, सचिन तिर्की,अमरेश महली, सुलेमा कुमारी, रोशनी कुमारी, सिद्धार्थ बड़ाईक को जिम्मेवारी सौंपी गई। मौके पर आनंद खलखो, कमल किशोर प्रसाद, विजय नगेसिया, अरुण कुमार खलखो, इलियस तिर्की, सत्येंद्र प्रसाद, संत कुमार गहलौत समेत दर्जनों शिक्षक-शिक्षिका उपस्थित थे।
बीईईओ ने कहा कि जिन स्कूल में बच्चों की संख्या कम है, उनका नामांकन पास के स्कूल में कराएं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि परेवा के बच्चों को उरम्बी, बांसडीह को ढोडाडीह, शाहपुर को विश्रामपुर, कोरकोटडीह को डुमरडीह, धवाईटोली को सिदरा स्कूल में नामांकन कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने एमडीएम के चावल का उठाव जनवितरण प्रणाली के नजदीकी डीलर से करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने सभी शिक्षकों को ससमय स्कूल खोलने, बच्चों को मेन्यू के अनुसार मध्याह्न भोजन देने का सख्त निर्देश दिया। कहा कि अगर शिक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बरती गई तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नि:शक्त बच्चों का प्रखंड स्तर पर चयन कर खेलकूद प्रतियोगिता कराने का निर्देश दिया। इसके लिए शिक्षक रमेश महली, सुरन नगेसिया, अनुकिरण तिग्गा, सीता कुमारी, सचिन तिर्की,अमरेश महली, सुलेमा कुमारी, रोशनी कुमारी, सिद्धार्थ बड़ाईक को जिम्मेवारी सौंपी गई। मौके पर आनंद खलखो, कमल किशोर प्रसाद, विजय नगेसिया, अरुण कुमार खलखो, इलियस तिर्की, सत्येंद्र प्रसाद, संत कुमार गहलौत समेत दर्जनों शिक्षक-शिक्षिका उपस्थित थे।