रांची : एक अप्रैल 2019 से कोई भी अप्रशिक्षित शिक्षक स्कूलों में पठन-पाठन
नहीं करा सकेंगे। सरकारी स्कूलों के अलावा अनुदानित तथा निजी स्कूलों में
भी यह लागू होगा। यदि ऐसे शिक्षक सरकारी स्कूलों में कार्यरत हैं तो इनकी
सेवा समाप्त की जाएगी।
निश्शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत 31 मार्च 2019 तक ऐसे अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण प्राप्त करने का अंतिम अवसर दिया गया है। केंद्र से इस बाबत पत्र मिलने के बाद राज्य सरकार ने ऐसे अप्रशिक्षित शिक्षकों का डाटाबेस तैयार करने का निर्णय लिया है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने इस बाबत सभी जिला शिक्षा अधीक्षकों को पत्र दिया है। उल्लेखनीय है कि राज्य में सर्व शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत हजारों पारा शिक्षक अभी भी अप्रशिक्षित हैं। केंद्र ने इन पारा शिक्षकों को एनआइओएस से प्रशिक्षण कराने का निर्देश दिया है।
निश्शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत 31 मार्च 2019 तक ऐसे अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण प्राप्त करने का अंतिम अवसर दिया गया है। केंद्र से इस बाबत पत्र मिलने के बाद राज्य सरकार ने ऐसे अप्रशिक्षित शिक्षकों का डाटाबेस तैयार करने का निर्णय लिया है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने इस बाबत सभी जिला शिक्षा अधीक्षकों को पत्र दिया है। उल्लेखनीय है कि राज्य में सर्व शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत हजारों पारा शिक्षक अभी भी अप्रशिक्षित हैं। केंद्र ने इन पारा शिक्षकों को एनआइओएस से प्रशिक्षण कराने का निर्देश दिया है।