हजारीबाग : वाहन या किसी अन्य उपकरण की खरीद के दौरान ग्राहकों को उपकरण
के टेस्ट की सुविधा दिया जाना आम बात है। वाहन खरीदते वक्त उपभोक्ता भी
वाहन का टेस्ट ड्राइव लेकर पूरी तरह से संतुष्ट होने की बाद ही उसे खरीदता
है।
लेकिन, अब कुछ ऐसा ही मौका विद्यार्थियों के विषयों के चयन के लिए भी दिया जा रहा है। यहां पहले विद्यार्थी 11वीं कक्षा में दाखिले के बाद 15 दिन तक विज्ञान की ट्रायल क्लास कर रहे हैं, फिर यह तय कर रहे हैं कि उन्हें आगे साइंस पढ़नी है या आर्ट्स।
विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों में रुचि बढ़ाने और उनके दिमाग से इस विषय का डर निकालने के लिए शहर से 15 किलोमीटर दूर इचाक स्थिति केएन प्लस टू हाईस्कूल के शिक्षकों ने यह पहल की है। विद्यालय के शिक्षक मृत्युंजय कुमार, अखिलेश पाठक व रवींद्र चौधरी द्वारा विज्ञान की स्पेशल कक्षाएं ली जा रही हैं। विद्यार्थियों को भौतिकी व रसायन के नोट्स भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि बच्चों के अंदर विज्ञान का हौवा रहता है कि इसका पाठ्यक्रम कठिन है। इसलिए कई बार वे चाहकर भी सिर्फ इस डर से विज्ञान की पढ़ाई नहीं करते हैं। स्पेशल कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों के दिमाग में बैठे इस भ्रम को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
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मैट्रिक में प्रखंड टॉपर रही छात्रा भी ले रही है ट्रायल
इस वर्ष मैट्रिक की परीक्षा में प्रखंड टॉपर रही प्रज्ञा कुमारी भी इस ट्रायल क्लास में खुद को आजमा रही है। मैट्रिक की परीक्षा में प्रज्ञा ने 85 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं। प्रज्ञा का कहना है कि वह इन कक्षाओं से खुद को परख रही है कि आगे वह विज्ञान की पढ़ाई करने में सक्षम है या कि नहीं। इसके अलावा 70 से 80 प्रतिशत लाने वाले कई बच्चे प्रतिदिन यहां कक्षा में पहुंच रहे हैं।
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विद्यार्थियों दिलोदिमाग से विज्ञान विषय का भय निकालने के लिए यह पहल की गई है। विद्यार्थियों को ट्रायल क्लास के माध्यम से विज्ञान की बारीकियों को समझाया जा रहा है, ताकि वे खुद तय कर सकें कि उन्हें विज्ञान पढ़ना है या कि नहीं।
-रवींद्र चौधरी, शिक्षक केएन हाईस्कूल
लेकिन, अब कुछ ऐसा ही मौका विद्यार्थियों के विषयों के चयन के लिए भी दिया जा रहा है। यहां पहले विद्यार्थी 11वीं कक्षा में दाखिले के बाद 15 दिन तक विज्ञान की ट्रायल क्लास कर रहे हैं, फिर यह तय कर रहे हैं कि उन्हें आगे साइंस पढ़नी है या आर्ट्स।
विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों में रुचि बढ़ाने और उनके दिमाग से इस विषय का डर निकालने के लिए शहर से 15 किलोमीटर दूर इचाक स्थिति केएन प्लस टू हाईस्कूल के शिक्षकों ने यह पहल की है। विद्यालय के शिक्षक मृत्युंजय कुमार, अखिलेश पाठक व रवींद्र चौधरी द्वारा विज्ञान की स्पेशल कक्षाएं ली जा रही हैं। विद्यार्थियों को भौतिकी व रसायन के नोट्स भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि बच्चों के अंदर विज्ञान का हौवा रहता है कि इसका पाठ्यक्रम कठिन है। इसलिए कई बार वे चाहकर भी सिर्फ इस डर से विज्ञान की पढ़ाई नहीं करते हैं। स्पेशल कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों के दिमाग में बैठे इस भ्रम को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
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मैट्रिक में प्रखंड टॉपर रही छात्रा भी ले रही है ट्रायल
इस वर्ष मैट्रिक की परीक्षा में प्रखंड टॉपर रही प्रज्ञा कुमारी भी इस ट्रायल क्लास में खुद को आजमा रही है। मैट्रिक की परीक्षा में प्रज्ञा ने 85 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं। प्रज्ञा का कहना है कि वह इन कक्षाओं से खुद को परख रही है कि आगे वह विज्ञान की पढ़ाई करने में सक्षम है या कि नहीं। इसके अलावा 70 से 80 प्रतिशत लाने वाले कई बच्चे प्रतिदिन यहां कक्षा में पहुंच रहे हैं।
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विद्यार्थियों दिलोदिमाग से विज्ञान विषय का भय निकालने के लिए यह पहल की गई है। विद्यार्थियों को ट्रायल क्लास के माध्यम से विज्ञान की बारीकियों को समझाया जा रहा है, ताकि वे खुद तय कर सकें कि उन्हें विज्ञान पढ़ना है या कि नहीं।
-रवींद्र चौधरी, शिक्षक केएन हाईस्कूल