लंबित समस्याओं को जल्द से जल्द निबटारे की मांग
शिक्षकों के प्रोन्नति संबंधी कार्य जस का तस पड़ा
देवघर : झारखंड प्रारंभिक शिक्षक संघ की बैठक जिलाध्यक्ष स्कन्द
कुमार की अध्यक्षता में मध्य विद्यालय पुराना मीना बाजार कैंपस में हुई.
संघ के सदस्यों ने कहा कि जिला शिक्षा अधीक्षक के कार्यशैली से शिक्षकों
में आक्रोश गहराता जा रहा है. नवनियुक्त शिक्षकों का बकाया वेतन, सातवां
वेतनमान निर्धारण, विज्ञप्ति पूर्व इस्तीफा देने वाले गैर पारा कोटि के सभी
नवनियुक्त शिक्षकों को वेतन देने, वाणिज्य स्नातक योग्यताधारी शिक्षकों को
जल्द वेतन देने,
नवनियुक्त शिक्षकों के साथ भेदभाव दोहरी नीति छोड़ने जांच के नाम पर
नवनियुक्त शिक्षकों का भयादोहन आदि मामले पर जिला शिक्षा अधीक्षक को कई बार
ज्ञापन सौंप कर धरना प्रदर्शन के लिए विभाग का ध्यान आकृष्ट किया. लेकिन,
जिला शिक्षा अधीक्षक के व्यवहार से ऐसा लगता है कि वो नवनियुक्त शिक्षकों
के प्रति दुर्भावना से ग्रसित होकर काम कर रहे हैं. जिले में प्रोन्नति
संबंधी कार्य जस का तस पड़ा हुआ है. जिला शिक्षा अधीक्षक ने फरमान जारी कर
कहा है कि विद्यालय चले चलाएं अभियान के दौरान शिक्षक सुबह 6.30 बजे से दिन
के 2 बजे तक विद्यालय में बने रहेंगे. जिला शिक्षा अधीक्षक ने जिस पत्र का
हवाला दिया है
वो वर्ष 2016 का पत्र है. सूबे के अन्य किसी जिले में इस प्रकार का
आदेश जारी नहीं हुआ है. शिक्षकों के वेतनमद में 58.66 करोड़ रूपये प्राप्त
हुआ. लेकिन, डीडीओ को 37 करोड़ का आवंटन भेजा गया है. डीसी सहित श्रम एवं
नियोजन मंत्री के मौखिक निर्देश के बाद भी नवनियुक्त शिक्षकों को अबतक
बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. लंबित समस्याओं का निबटारा अविलंब
नहीं हुआ तो डीएसइ कार्यालय का घेराव शिक्षकों की विवशता होगी. बैठक में
उपाध्यक्ष रणधीर कुमार राय, कोषाध्यक्ष उमेश प्रसाद यादव, उपाध्यक्ष चंदन
कुमार दास, संगठन सचिव मिथिलेश कुमार यादव, चंद्रकांत वरनवाल, प्रकाश भूषण
आदि उपस्थित थे.