RANCHI : राज्य के सभी प्राइमरी स्कूलों में नए सेशन
से केजी की पढ़ाई शुरू होगी। केजी में 3- 5 साल तक के बच्चों का एडमिशन
लिया जाएगा। मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने मंगलवार को एजुकेशन डिपार्टमेंट
के
अधिकारियों एवं सभी जिलों के डीएसई व डीईओ के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कहा कि केजी कक्षाओं के लिये क्लासरूम को विभिन्न रंगों एवं आकृतियों से रंगा जाए, ताकि खेल- खेल में बच्चे पढ़ सकें। उन्होंने केजी के लिए ऐसे पारा शिक्षकों को बहाल करें, जिनकी क्षेत्रीय भाषाओं पर पकड़ हो और वे बच्चें के साथ बेहतर संबंध हो सकें।
एसएमसी को सशक्त बनाएं
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कहा कि एसएमसी(स्कूल प्रबंधन समिति को सशक्त एवं प्रभावी बनाया जाए और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि स्कूलों में शत प्रतिशत शिक्षकों और बच्चों की उपस्थित हो। उन्होंने निदेश दिया कि प्रत्येक एसएमसी के क्त्रियाकलापों की समीक्षा तीन माह में जिला स्तर किया जाए।
डीबीटी से हो पेमेंट
राज्य के सभी शिक्षकों के जनवरी माह का भुगतान डीबीटी के माध्यम से सुनिश्चित करने के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को मिलने वाली किट की राशि का भुगतान भी ज्यादा से ज्यादा डीबीटी के माध्यम से किया जाए। बैठक में शिक्षा विभाग की सचिव आराधना पटनायक और निदेशक प्राथमिक शिक्षा मुकेश कुमार सहित कई अफसर मौजूद थे.
पांच संकल्पों पर करें फोकस
एसएमसी के शून्य ड्रॉप आउट, शत प्रतिशत शिक्षकों की उपस्थिति, बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति, बच्चों के अगले वर्ग में शत प्रतिशत नामांकन तथा प्राप्त राशि का शत प्रतिशत उपयोग एवं स्वच्छता जैसे पांच संकल्पों को प्रत्येक स्कूल की दीवारों पर अंकित करने के भी मुख्य सचिव ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा किस्कूल के शिक्षकों को सम्मान देते हुए उनकी फोटा भी लगाई जाए.
अनुपस्थित रहने वाल टीचर्स की बनाएं लिस्ट
मुख्य सचिव ने कहा कि हर प्रखंड में लगातार अनुपस्थित रहने वाले ऐसे पांच शिक्षकों की सूची तैयार करें उनके खिलाफ कार्रवाई करें। उन्होंने कहा किसी भी स्कूल में बच्चे ड्रॉप आउट न हों यह एसएमसी(स्कूल मैनेजमेंट कमिटि) की जवाबदेही होगी.
दोगुनी होंगी सीटें
मुख्य सचिव ने निदेश दिया कि अगले वर्ष से नवीं, दसवी एवं प्लस 2 की सीटें प्रत्येक स्कूल में दोगुनी की जाएगी। उन्होंने कहा कि मैट्रिक- इंटर की परीक्षाओं में छात्रों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये उन स्कूलों में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति अथवा अतिरिक्त क्लास का आयोजन सुनिश्चित करने को कहा, जहां शिक्षकों की कमी है.
हर स्कूल में साइंस टीचर
सभी स्कूल में कम से कम साइंस का एक शिक्षक की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश मुख्य सचिव ने दिए। उन्होंने कहा कि जरूरत होने पर सेवानिवृत शिक्षकों की सेवा भी ली जा सकती है.
जिला स्तर पर बनेगा सेल
मैट्रिक के छात्रों को किसी भी प्रकार की पढ़ाई को लेकर परेशानी न हो, इस हेतु जिला स्तर पर एक कोषांग का गठन किया जाएगा तथा उसकी दैनिक मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके अलावा निर्धारित 75 प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति के नियम का कड़ाई से अनुपालन करने के भी निर्देश मुख्य सचिव ने दिए।
एडमिशन लिस्ट हो तैयार
मुख्य सचिव ने कहा कि अगले वर्ग में नामांकन लेने वाली बच्चियों की सूची अभी से तैयार कर लें। उन्होंने कहा कि नीति आयोग भारत सरकार द्वारा शिक्षा को लेकर एक सर्वे किया जाना है, इस हेतु कक्षा 3 से आठ तक के छात्रों की कक्षाओं के समकक्ष तैयारी करवा लें ताकि राज्य की रैंकिंग में सुधार किया जा सके.
अधिकारियों एवं सभी जिलों के डीएसई व डीईओ के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कहा कि केजी कक्षाओं के लिये क्लासरूम को विभिन्न रंगों एवं आकृतियों से रंगा जाए, ताकि खेल- खेल में बच्चे पढ़ सकें। उन्होंने केजी के लिए ऐसे पारा शिक्षकों को बहाल करें, जिनकी क्षेत्रीय भाषाओं पर पकड़ हो और वे बच्चें के साथ बेहतर संबंध हो सकें।
एसएमसी को सशक्त बनाएं
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कहा कि एसएमसी(स्कूल प्रबंधन समिति को सशक्त एवं प्रभावी बनाया जाए और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि स्कूलों में शत प्रतिशत शिक्षकों और बच्चों की उपस्थित हो। उन्होंने निदेश दिया कि प्रत्येक एसएमसी के क्त्रियाकलापों की समीक्षा तीन माह में जिला स्तर किया जाए।
डीबीटी से हो पेमेंट
राज्य के सभी शिक्षकों के जनवरी माह का भुगतान डीबीटी के माध्यम से सुनिश्चित करने के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को मिलने वाली किट की राशि का भुगतान भी ज्यादा से ज्यादा डीबीटी के माध्यम से किया जाए। बैठक में शिक्षा विभाग की सचिव आराधना पटनायक और निदेशक प्राथमिक शिक्षा मुकेश कुमार सहित कई अफसर मौजूद थे.
पांच संकल्पों पर करें फोकस
एसएमसी के शून्य ड्रॉप आउट, शत प्रतिशत शिक्षकों की उपस्थिति, बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति, बच्चों के अगले वर्ग में शत प्रतिशत नामांकन तथा प्राप्त राशि का शत प्रतिशत उपयोग एवं स्वच्छता जैसे पांच संकल्पों को प्रत्येक स्कूल की दीवारों पर अंकित करने के भी मुख्य सचिव ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा किस्कूल के शिक्षकों को सम्मान देते हुए उनकी फोटा भी लगाई जाए.
अनुपस्थित रहने वाल टीचर्स की बनाएं लिस्ट
मुख्य सचिव ने कहा कि हर प्रखंड में लगातार अनुपस्थित रहने वाले ऐसे पांच शिक्षकों की सूची तैयार करें उनके खिलाफ कार्रवाई करें। उन्होंने कहा किसी भी स्कूल में बच्चे ड्रॉप आउट न हों यह एसएमसी(स्कूल मैनेजमेंट कमिटि) की जवाबदेही होगी.
दोगुनी होंगी सीटें
मुख्य सचिव ने निदेश दिया कि अगले वर्ष से नवीं, दसवी एवं प्लस 2 की सीटें प्रत्येक स्कूल में दोगुनी की जाएगी। उन्होंने कहा कि मैट्रिक- इंटर की परीक्षाओं में छात्रों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये उन स्कूलों में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति अथवा अतिरिक्त क्लास का आयोजन सुनिश्चित करने को कहा, जहां शिक्षकों की कमी है.
हर स्कूल में साइंस टीचर
सभी स्कूल में कम से कम साइंस का एक शिक्षक की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश मुख्य सचिव ने दिए। उन्होंने कहा कि जरूरत होने पर सेवानिवृत शिक्षकों की सेवा भी ली जा सकती है.
जिला स्तर पर बनेगा सेल
मैट्रिक के छात्रों को किसी भी प्रकार की पढ़ाई को लेकर परेशानी न हो, इस हेतु जिला स्तर पर एक कोषांग का गठन किया जाएगा तथा उसकी दैनिक मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके अलावा निर्धारित 75 प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति के नियम का कड़ाई से अनुपालन करने के भी निर्देश मुख्य सचिव ने दिए।
एडमिशन लिस्ट हो तैयार
मुख्य सचिव ने कहा कि अगले वर्ग में नामांकन लेने वाली बच्चियों की सूची अभी से तैयार कर लें। उन्होंने कहा कि नीति आयोग भारत सरकार द्वारा शिक्षा को लेकर एक सर्वे किया जाना है, इस हेतु कक्षा 3 से आठ तक के छात्रों की कक्षाओं के समकक्ष तैयारी करवा लें ताकि राज्य की रैंकिंग में सुधार किया जा सके.