शुक्रवार को अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ,जिला इकाई रांची ने जिला शिक्षा अधिकारी रांची द्वारा शिक्षकों का युक्तिकरण के सम्बंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति में उल्लेखित शर्तो को खारिज करते हुए इसे झूठ का पुलिंदा बताया है. संघ का कहना है कि डीएसई द्वारा दर्शाये गए शर्तो में से किसी भी नियम का पालन नहीं किया गया है. केवल शिक्षक-शिक्षिकाओं को प्रताड़ित करने के लिए इस तरह का युक्तिकरण का कार्य किया गया है.
क्या है मामला
नियमों के शर्त 1 के अनुसार पारा शिक्षकों को उसी पंचायत या बगल के पंचायत में प्रतिनियुक्ति की बात कही गई है, जबकि ऐसा नहीं हुआ है. शांति देवी, यूएमएस चुटटु कांके से यूएमएस सांगा कांके भेजा गया, जो कि शर्त के अनुरूप नहीं है. शर्त 2 के अनुसार प्रत्येक विद्यालय में कम से कम एक नियमित शिक्षक को नियुक्त करने की बात कही गई है, जबकि सभी प्रखण्डों के कई ऐसे प्राथमिक और मध्य विद्यालय है जिन्हें नियमित शिक्षक विहीन कर दिया गया है. उन्हें केवल पारा शिक्षकों के भरोसे छोड़ दिया गया है. इसका उदाहरण यूएमएस पालू ओरमांझी का स्कूल है, जहां से सभी चार नियमित शिक्षकों को हटा दिया गया है.शर्त 3 के अनुसार उच्च योग्यता वाले शिक्षकों को अपने ही विद्यालय के अपर प्राथमिक शिक्षक के रूप में समायोजित करने की बात कही गई है, जबकि ऐसा नहीं हुआ है. उच्च योग्यताधारी शिक्षकों को उनके अधिक योग्यता रहने के कारण दूर-दूर के प्रखंडो में भेजा गया है और उसी विद्यालय में दूसरे प्रखण्डों से उसी योग्यता के शिक्षकों को लाया गया है.