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पढ़ाने की बजाय ठेकेदार बन गए शिक्षक

दुमका : जिन शिक्षकों पर बच्चों को पढ़ाने का दायित्व है वे अब ठेकेदार बन गए हैं। इतना नहीं कुछ शिक्षक दूसरे विद्यालय में प्रतिनियुक्ति कराकर ठेकेदारी करवा रहे हैं। इस बात का खुलासा गुरुवार को जिला परिषद अध्यक्ष जॉयस बेसरा की अध्यक्षता में हुई शिक्षा स्थाई समिति की बैठक में हुआ। अध्यक्ष ने पढ़ाई के अलावा दूसरे कार्यो में लगे शिक्षकों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया।

बैठक में जिला शिक्षा अधीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि जिले में 3838 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं लेकिन 2407 ही काम कर रहे हैं और 1431 पद खाली हैं। 5525 पारा शिक्षकों में 3830 ही काम कर रहे हैं और 1695 पद खाली हैं। पिछली काउंस¨लग के बाद रिक्तियां बंद हैं। अगले छह माह में एक हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। पारा शिक्षकों के खाली पदों पर अब कोई नियुक्ति नहीं होगी। सरकार ने इस पर रोक लगा दी है। माध्यमिक विद्यालयों की स्थिति अत्यंत दुखद है। स्वीकृत 1152 पद पर केवल 190 ही पढ़ा रहे हैं जबकि 962 पद खाली हैं।

बताया कि जिले में 1656 प्राथमिक, 800 माध्यमिक और 11 बेसिक स्कूल चल रहे हैं। 101 माध्यमिक और 25 प्लस टू उच्च विद्यालय हैं। अध्यक्ष ने माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी पर ¨चता जताते हुए निर्देश दिया कि प्रत्येक विद्यालय में कम से कम एक सरकारी शिक्षक अवश्य होना चाहिए। बैठक में बताया गया कि एमडीएम का दायित्व अब संयोजिका व माता समिति को निभाना है। सरकार के आदेश के बाद भी अभी कुछ शिक्षकों का इसमें हस्तक्षेप है। निर्णय लिया गया कि अगर कोई शिक्षक हस्तक्षेप करते पाया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा सचिव का स्पष्ट निर्देश है कि शिक्षकों से अब केवल पढ़ाई का काम लेना है। बताया गया कि आज भी बहुत से शिक्षक ठेकेदारी कार्य में लगे हैं। कुछ जगह यह बात सामने आई कि शिक्षक दूसरे विद्यालय में प्रतिनियुक्ति कराकर ठेकेदारी कर रहे हैं। अध्यक्ष ने स्पष्ट निर्देश दिया कि इसे अविलंब बंद कराया जाए, अगर ऐसे मामले सामने आएं तो संबंधित शिक्षक पर कड़ी कार्रवाई की जाए। बच्चों की उपस्थित पर चर्चा के दौरान बताया गया कि कम से कम 70 फीसद बच्चों की मौजूदगी आवश्यक है। लेकिन पता चला है कि 50 का नामांकन होता है और उपस्थिति दस की भी नहीं होती है। इसके लिए सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों को विद्यालयों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। बैठक में जिप उपाध्यक्ष असीम मंडल के अलावा शिक्षा विभाग के पदाधिकारी मौजूद थे।

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