रांची। शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने कहा है कि झारखण्ड के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए सरकार दृढ़ संकल्पित है, इसके लिए सरकार ने शिक्षकों की नियुक्ति, छात्राओं के लिए महाविद्यालय बस सेवा, प्रयोगशाला एवं पुस्तकालयों का नवीनीकरण आदि का कार्य किया जा रहा है।
सरकार विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए समागम का भी आयोजन कर रही है। उपरोक्त जानकारी शिक्षा मंत्री ने शुक्रवार को सूचना भवन के सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी।
मुख्यमंत्री फैलोशिप योजना से मेधावी एवं निर्धन छात्र- छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए एक लाख तक की मदद
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता है कि राज्य का हर बच्चा स्कूल तक पहुंचे। इसके लिए विभाग की ओर से योजनाएं चलायी जा रही हैं। मुख्यमंत्री फैलोशिप योजना के माध्यम से सरकार मेधावी एवं निर्धन छात्र- छात्राओं को उच्च शिक्षा या विदेश में शिक्षा के लिए एक लाख रुपये तक का मदद दे रही है। उन्होंने बताया कि सुदूर क्षेत्र की बालिकाओं के लिए सरकार ने महाविद्यालय महिला बस सेवा भी शुरू कर रही है ताकि छात्राओं को कॉलेज आने जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि विभाग भ्रष्टाचार मुक्त शिक्षा सेवा के लिए भी प्रयासरत है।
विभाग की तरफ से विद्यार्थियों को दी जाने वाली राशि का भुगतान उनके खाते में किया जा रहा है पिछले दो वर्षों में विभाग ने उच्च विद्यालय के 95 प्रतिशत और मध्य विद्यालय के 80 प्रतिशत से अधिक छात्र- छात्राओं का बैंक खाता खुलवा चुकी है।
राज्य के संस्कृत और मदरसा विद्यालयों को अनुदान देने पर लगी मुहर
नीरा यादव ने बताया कि कस्तूरबा विद्यालय में अब +2 तक की पढ़ाई हो रही है साथ ही इन स्कूलों में अब विज्ञान और कॉमर्स की भी पढ़ाई वर्तमान सत्र से शुरू किया गया है। छात्राओं की प्रतिभा को निखारने के लिए कस्तूरबा समागम का भी आयोजन नियमित रूप से किया जा रहा है। इसके साथ ही शिक्षक समागम का भी आयोजन कर विभाग उनसे जुड़े समस्या और सुझाव पर चर्चा और विचार कर रहा है। आने वाले समय में पदाधिकारियों का भी समागम विभाग द्वारा आयोजित किया जायेगा। सरकार ने पहली बार राज्य के संस्कृत और मदरसा विद्यालयों को अनुदान देने पर अपनी मुहर लगा दी है।
प्राइवेट स्कूल फी रेगुलेटरी एक्ट तैयार
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की सचिव आराधना पटनायक ने कहा कि विभाग ने प्राइवेट स्कूल फी रेगुलेटरी एक्ट तैयार कर लिया है और जल्द ही इसे पूरे राज्य में लागू कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि राज्य के 160 विद्यालयों में वोकेशनल कोर्स भी शुरू किया गया है ताकि छात्रों का कौशल विकास समय पर किया जा सके। उन्होंने बताया कि छात्रों की सुविधा के लिए विभाग अब संथाली, हो, मुंडारी, खड़िया और कुडुख भाषा में भी पुस्तकों उपलब्ध करा रही है।
अगले शैक्षणिक सत्र से विभाग उर्दू में भी पुस्तकें उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि विभाग ने वैसे शिक्षकों पर कार्रवाई का आदेश दिया है जिनके स्कूलों में वर्तमान सत्र में इंटर और मैट्रिक का रिजल्ट खराब हुआ है। विभाग की तरफ से वैसे शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया जा रहा है जिन्होंने मैट्रिक और इंटर में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि अब सभी इंटर स्कूलों में विद्यार्थियों का 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य कर दिया गया है।
तीसरे रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय का सत्र शुरू
संवाददाता सम्मेलन में उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री रघुवर दास ने उच्च शिक्षा में नई सोच को बढ़ावा देने का निर्देश विभाग को दिया है। सरकार की सकारात्मक सोच को धरातल पर उतारने के लिए विभाग ने योजनाओं के माध्यम से काम प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने बताया कि देश के तीसरे रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय का सत्र शुरू हो चुका है और पहले बैच के सभी छात्र-छात्राओं को 100 प्रतिशत प्लेसमेंट भी दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि बेहतर अकादमिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विनोद बिहारी महतो, कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद की स्थापना की जा रही है। रांची कॉलेज, रांची को अपग्रेड करते हुए डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय की स्थापना और नीलाम्बर – पीतांबर विश्वविद्यालय के लिए डालटनगंज में 25 एकड़ भूमि का हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
राज्य के 11 चिन्हित जिलों में छात्राओं के लिए कॉलेज निर्माण का कार्य शुरू
उन्होंने बताया कि राज्य के 11 चिन्हित जिलों में छात्राओं के लिए महाविद्यालय निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। राज्य के 12 शैक्षणिक रूप से पिछड़े जिले में मॉडल डिग्री महाविद्यालय के स्थापना की स्वीकृति हो चुकी है। डिग्री महाविद्यालय की स्थापना के संबंध में उन्होंने कहा कि पहले चरण में 7 विधानसभा क्षेत्र में सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है। जल्द ही इनकी स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी। उन्होंने कहा कि विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों में पुस्तकालयों और प्रयोगशाला को बेहतर बनाने का निर्देश जारी कर दिया है।
महाविद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था के लिए नियमावली बना कर जेपीएससी के माध्यम से नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे पूर्व विश्वविद्यालयों में रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रकों की नियुक्ति अंतिम चरण में है। प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, के लिए यूजीसी के नियम के अनुरूप नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जो जुलाई – अगस्त 2017 तक पूरा कर लिया जायेगा। इससे पूर्व कॉलेजों में अनुबंध पर शिक्षकों की नियुक्ति के लिए भी विभाग द्वारा निदेश जारी कर दिया गया है।
सरकार विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए समागम का भी आयोजन कर रही है। उपरोक्त जानकारी शिक्षा मंत्री ने शुक्रवार को सूचना भवन के सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी।
मुख्यमंत्री फैलोशिप योजना से मेधावी एवं निर्धन छात्र- छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए एक लाख तक की मदद
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता है कि राज्य का हर बच्चा स्कूल तक पहुंचे। इसके लिए विभाग की ओर से योजनाएं चलायी जा रही हैं। मुख्यमंत्री फैलोशिप योजना के माध्यम से सरकार मेधावी एवं निर्धन छात्र- छात्राओं को उच्च शिक्षा या विदेश में शिक्षा के लिए एक लाख रुपये तक का मदद दे रही है। उन्होंने बताया कि सुदूर क्षेत्र की बालिकाओं के लिए सरकार ने महाविद्यालय महिला बस सेवा भी शुरू कर रही है ताकि छात्राओं को कॉलेज आने जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि विभाग भ्रष्टाचार मुक्त शिक्षा सेवा के लिए भी प्रयासरत है।
विभाग की तरफ से विद्यार्थियों को दी जाने वाली राशि का भुगतान उनके खाते में किया जा रहा है पिछले दो वर्षों में विभाग ने उच्च विद्यालय के 95 प्रतिशत और मध्य विद्यालय के 80 प्रतिशत से अधिक छात्र- छात्राओं का बैंक खाता खुलवा चुकी है।
राज्य के संस्कृत और मदरसा विद्यालयों को अनुदान देने पर लगी मुहर
नीरा यादव ने बताया कि कस्तूरबा विद्यालय में अब +2 तक की पढ़ाई हो रही है साथ ही इन स्कूलों में अब विज्ञान और कॉमर्स की भी पढ़ाई वर्तमान सत्र से शुरू किया गया है। छात्राओं की प्रतिभा को निखारने के लिए कस्तूरबा समागम का भी आयोजन नियमित रूप से किया जा रहा है। इसके साथ ही शिक्षक समागम का भी आयोजन कर विभाग उनसे जुड़े समस्या और सुझाव पर चर्चा और विचार कर रहा है। आने वाले समय में पदाधिकारियों का भी समागम विभाग द्वारा आयोजित किया जायेगा। सरकार ने पहली बार राज्य के संस्कृत और मदरसा विद्यालयों को अनुदान देने पर अपनी मुहर लगा दी है।
प्राइवेट स्कूल फी रेगुलेटरी एक्ट तैयार
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की सचिव आराधना पटनायक ने कहा कि विभाग ने प्राइवेट स्कूल फी रेगुलेटरी एक्ट तैयार कर लिया है और जल्द ही इसे पूरे राज्य में लागू कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि राज्य के 160 विद्यालयों में वोकेशनल कोर्स भी शुरू किया गया है ताकि छात्रों का कौशल विकास समय पर किया जा सके। उन्होंने बताया कि छात्रों की सुविधा के लिए विभाग अब संथाली, हो, मुंडारी, खड़िया और कुडुख भाषा में भी पुस्तकों उपलब्ध करा रही है।
अगले शैक्षणिक सत्र से विभाग उर्दू में भी पुस्तकें उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि विभाग ने वैसे शिक्षकों पर कार्रवाई का आदेश दिया है जिनके स्कूलों में वर्तमान सत्र में इंटर और मैट्रिक का रिजल्ट खराब हुआ है। विभाग की तरफ से वैसे शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया जा रहा है जिन्होंने मैट्रिक और इंटर में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि अब सभी इंटर स्कूलों में विद्यार्थियों का 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य कर दिया गया है।
तीसरे रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय का सत्र शुरू
संवाददाता सम्मेलन में उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री रघुवर दास ने उच्च शिक्षा में नई सोच को बढ़ावा देने का निर्देश विभाग को दिया है। सरकार की सकारात्मक सोच को धरातल पर उतारने के लिए विभाग ने योजनाओं के माध्यम से काम प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने बताया कि देश के तीसरे रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय का सत्र शुरू हो चुका है और पहले बैच के सभी छात्र-छात्राओं को 100 प्रतिशत प्लेसमेंट भी दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि बेहतर अकादमिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विनोद बिहारी महतो, कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद की स्थापना की जा रही है। रांची कॉलेज, रांची को अपग्रेड करते हुए डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय की स्थापना और नीलाम्बर – पीतांबर विश्वविद्यालय के लिए डालटनगंज में 25 एकड़ भूमि का हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
राज्य के 11 चिन्हित जिलों में छात्राओं के लिए कॉलेज निर्माण का कार्य शुरू
उन्होंने बताया कि राज्य के 11 चिन्हित जिलों में छात्राओं के लिए महाविद्यालय निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। राज्य के 12 शैक्षणिक रूप से पिछड़े जिले में मॉडल डिग्री महाविद्यालय के स्थापना की स्वीकृति हो चुकी है। डिग्री महाविद्यालय की स्थापना के संबंध में उन्होंने कहा कि पहले चरण में 7 विधानसभा क्षेत्र में सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है। जल्द ही इनकी स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी। उन्होंने कहा कि विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों में पुस्तकालयों और प्रयोगशाला को बेहतर बनाने का निर्देश जारी कर दिया है।
महाविद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था के लिए नियमावली बना कर जेपीएससी के माध्यम से नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे पूर्व विश्वविद्यालयों में रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रकों की नियुक्ति अंतिम चरण में है। प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, के लिए यूजीसी के नियम के अनुरूप नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जो जुलाई – अगस्त 2017 तक पूरा कर लिया जायेगा। इससे पूर्व कॉलेजों में अनुबंध पर शिक्षकों की नियुक्ति के लिए भी विभाग द्वारा निदेश जारी कर दिया गया है।