रांची : राज्य के प्राथमिक व मध्य विद्यालय के शिक्षकों का सरकार
टेस्ट लेगी. शिक्षक को अपने इच्छा अनुसार विषय का चयन करना होगा. शिक्षक
काे अपने चयनित विषय में टेस्ट देना होगा. टेस्ट में प्राप्त अंक के आधार
पर सरकार शिक्षकों को प्रशिक्षण देगी. एक शिक्षक एक से अधिक विषय में भी
टेस्ट दे सकते हैं. टेस्ट के बाद शिक्षकों के लिए आवश्यकता अनुरूप संबंधित
विषय में प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जायेगा. स्कूली शिक्षा व साक्षरता
विभाग की सचिव आराधना पटनायक ने इस संबंध में मंगलवार को सभी जिला शिक्षा
अधीक्षक को निर्देश दिया. शिक्षा सचिव ने मंगलवार को डीएसइ के साथ वीडियो
कांफ्रेंसिंग की.
शिक्षकों के प्रशिक्षण में निर्देशों का पालन कराने को कहा. अब प्रशिक्षण के पूर्व व प्रशिक्षण के बाद भी शिक्षकों का टेस्ट लिया जायेगा, ताकि इस बात का आकलन किया जा सके कि प्रशिक्षण के बाद शिक्षकों ने किया सीखा. इसके लिए प्रखंड व जिला स्तर पर टेस्ट होगा. विषय टेस्ट का प्रारूप राज्य स्तर से तय किया जायेगा. इसकी जिम्मेदारी झारखंड शिक्षा परियोजना को दी गयी है. राज्य स्तरीय टेस्ट सितंबर माह में होने की संभावना है. उल्लेखनीय है कि पूर्व में गिरिडीह में जिला स्तर पर प्राथमिक व मध्य विद्यालय के शिक्षकाें का टेस्ट लिया गया था, जिसमें आधे से अधिक शिक्षक पास नहीं हो सके थे.
अंगरेजी की पढ़ाई पर विशेष ध्यान
सरकारी विद्यालयों में अंगरेजी की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जायेगा.
इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम शुरू किया गया है.
शिक्षकों को स्पोकन इंग्लिश के साथ-साथ इसके पठन-पाठन का भी प्रशिक्षण दिया
जा रहा है. स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग द्वारा सरकारी विद्यालयों के
लिए अंगरेजी की किताब तैयार करायी जा रही है. अगले शैक्षणिक सत्र से सरकारी
विद्यालयों में राज्य सरकार के स्तर से तैयार पुस्तक उपलब्ध करायी
जायेगी.
मॉडल विद्यालयों का होगा चयन
शिक्षा सचिव ने जिला शिक्षा अधीक्षक को मॉडल विद्यालय के चयन की
प्रक्रिया जल्द पूरा करने को कहा. प्रथम चरण में वैसे विद्यालय को मॉडल
विद्यालय घोषित किया जायेगा, जिसमें विद्यार्थियों की संख्या एक हजार से
अधिक हो. इन विद्यालयों को पूरी तरह संसाधन युक्त किया जायेगा. इसके बाद
चरणबद्ध तरीके से विद्यालय को मॉडल विद्यालय बनाया जायेगा. इस संबंध में
जिलों को पूर्व में भी निर्देश दिया
गया है.
डीएसइ ने की बैंकों की शिकायत
वीडियो कांफ्रेंसिंग में कुछ जिलों के जिला शिक्षा अधीक्षक ने बच्चों
के खाता के लिए बैंक द्वारा मेंटेनेस चार्ज लिये जाने की शिकायत की. इस
संबंध में सचिव ने जिला शिक्षा अधीक्षक को बैंक के नाम व शाखा के साथ
झारखंड शिक्षा परियोजना के निदेशक को जानकारी देने को कहा. उन्होंने कहा कि
इस संबंध में सरकार की ओर से बैंकों को पूर्व में ही निर्देश दिया जा चुका
है. बच्चों के आधार बनाने, बैंक खाता खोलने, खाता को आधार से जोड़ने समते
अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गयी.