हिरणपुर (पाकुड़): बिहार इंटरमीडिएट शिक्षा परिषद द्वारा प्रखंड के दो
पारा शिक्षकों का शैक्षणिक प्रमाणपत्र फर्जी घोषित किये जाने के बाद भी
शिक्षा विभाग इन पारा शिक्षकों के खिलाफ स्पष्टीकरण के आगे कोई कार्रवाई
नहीं कर सका है।
बिहार इंटरमीडिएट की रिपोर्ट में प्रखंड के पोखरिया स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के पारा शिक्षक उत्तम कुमार प्रामाणिक और मोहनपुर मध्य विद्यालय के पारा शिक्षक मनोज कुमार महतो के प्रमाणपत्र को फर्जी घोषित किया।
उत्तम कुमार के प्रमाणपत्र में बताया गया कि उसके रिजल्ट में बायोलॉजी विषय का प्रथम पत्र खाली है और दूसरा पत्र में 06 के साथ कुल प्राप्तांक 37 फेल है। रिकार्ड में 374 प्राप्तांक है, वहीं अंक पत्र में बायोलॉजी में 91 दर्शाया गया है। इसी तरह मोहनपुर स्थित मध्य विद्यालय में कार्यरत पारा शिक्षक मनोज कुमार महतो के रिकार्ड में महतो शब्द का उल्लेख नहीं है। उसके अंक पत्र में मनोज कुमार दर्शाया गया है। इसको लेकर 25 मई 2016 को तत्कालीन जिला शिक्षा अधीक्षक अरुण कुमार ने दोनों पारा शिक्षकों के मानदेय पर रोक लगा लगाते हुए एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया था। इसके बाद से अबतक इन पारा शिक्षकों के खिलाफ किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस संबंध में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि सम्बंधित पारा शिक्षको का मानदेय करीब 8 माह से बन्द है। इसको लेकर पारा शिक्षकों को प्रमाणपत्रों में सुधार करने के लिए निर्देश भी दिया गया था। जो अब तक नहीं हो पाया।
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Jagran
बिहार इंटरमीडिएट की रिपोर्ट में प्रखंड के पोखरिया स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के पारा शिक्षक उत्तम कुमार प्रामाणिक और मोहनपुर मध्य विद्यालय के पारा शिक्षक मनोज कुमार महतो के प्रमाणपत्र को फर्जी घोषित किया।
उत्तम कुमार के प्रमाणपत्र में बताया गया कि उसके रिजल्ट में बायोलॉजी विषय का प्रथम पत्र खाली है और दूसरा पत्र में 06 के साथ कुल प्राप्तांक 37 फेल है। रिकार्ड में 374 प्राप्तांक है, वहीं अंक पत्र में बायोलॉजी में 91 दर्शाया गया है। इसी तरह मोहनपुर स्थित मध्य विद्यालय में कार्यरत पारा शिक्षक मनोज कुमार महतो के रिकार्ड में महतो शब्द का उल्लेख नहीं है। उसके अंक पत्र में मनोज कुमार दर्शाया गया है। इसको लेकर 25 मई 2016 को तत्कालीन जिला शिक्षा अधीक्षक अरुण कुमार ने दोनों पारा शिक्षकों के मानदेय पर रोक लगा लगाते हुए एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया था। इसके बाद से अबतक इन पारा शिक्षकों के खिलाफ किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस संबंध में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि सम्बंधित पारा शिक्षको का मानदेय करीब 8 माह से बन्द है। इसको लेकर पारा शिक्षकों को प्रमाणपत्रों में सुधार करने के लिए निर्देश भी दिया गया था। जो अब तक नहीं हो पाया।