-तीन घंटे वार्ता के बाद भी दोनों पक्ष अपनी बातों पर डटे रहे, मानदेय को लेकर अटकी बात
-बच्चों के भविष्य से किसी को खिलवाड़ नहीं करने देंगे, सीएम से बात कर निर्णय लेंगे : मंत्री
-पारा शिक्षक 15, 20 और 25 हजार की स्लैब मांग रहे थे, 9 हजार से 13 हजार रुपये करने को तैयार थीं मंत्री
राज्य ब्यूरो, रांची : लगभग डेढ़ महीने से हड़ताल पर डटे पारा शिक्षकों के साथ राज्य सरकार की वार्ता विफल हो गई और पारा शिक्षक हड़ताल जारी रखने पर एक बार फिर डट गए। स्थायीकरण की मांग पर पारा शिक्षक तो डटे ही थे, वेतनमान को लेकर भी वार्ता में व्यवधान आया। पारा शिक्षक तीन स्लैब में वेतन की मांग कर रहे थे जबकि सरकार इससे कहीं कम राशि ऑफर कर रही थी। वेतनमान की मांग को भी मंत्री ने सिरे से खारिज कर दिया। आगे की वार्ता को लेकर कोई तिथि निर्धारित नहीं हो सकी है हालांकि अनुमान लगाया जा रहा है कि दो जनवरी 2019 को विभाग खुलने के बाद वार्ता होगी।
वार्ता असफल होने के बाद पारा शिक्षकों के प्रतिनिधियों ने कहा कि 5200 से 20,000 के वेतनमान की मांग की थी। शिक्षा मंत्री ने सीएम से चर्चा कर इस पर फैसला लेने का निर्णय लिया। पारा शिक्षक तीन स्लैब में 18 हजार, 20 हजार और 22 हजार की माग कर रहे थे। मंत्री नौ से तेरह हजार मानदेय करने को तैयार थी। पारा शिक्षकों ने कहा कि हड़ताल बेनतीजा रही और दो तारीख के बाद हड़ताल जारी रहेगी। इसके बाद प्रोजेक्ट भवन के बाहर डटे पारा शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
शिक्षा मंत्री ने वार्ता के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य को अधर में लटकने नहीं देंगे। मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रिमंडल और आम लोग तक चिंतित हैं। ऐसे में बच्चों के भविष्य को अधर में लटकने नहीं दिया जाएगा। इस मुद्दे पर सीएम से बात कर निर्णय लिया जाएगा। बातचीत का रास्ता अभी भी खुला है। हमेशा पारा शिक्षक कहते थे कि 150-250 रुपये बढ़ता है इसलिए हमने राउंड फीगर में राशि बढ़ाई। वेतनमान की मांग को मानना संभव नहीं है। मंत्री नीरा यादव ने कहा कि शिक्षकों के पद रिक्त हैं और इन पदों पर पारा शिक्षकों को एडजस्ट किया जाएगा। राज्य के विभिन्न जिलों में पारा शिक्षकों के रिक्त पदों के विरुद्ध अभ्यर्थी पारा शिक्षकों को रखने पर सरकार तैयार हो गई थी। शिक्षकों केरिक्त पद पारा शिक्षकों को बहाल करने की भी बात कही गई। प्राथमिकी वापस लेने की मांग पर मंत्री ने कहा कि विधि विभाग से परामर्श लेकर इसे वापस करने की कार्रवाई हो सकेगी।
बाहर निकलने के बाद पारा शिक्षकों ने जमकर नारेबाजी की और कहा कि उनकी मागें जायज हैं। वार्ता विफल रही है इसलिए उनका आदोलन अब जारी रहेगा। दर्जनों की संख्या में प्रोजेक्ट भवन केबाहर पारा शिक्षक जमे हुए थे जिन्होंने कुछ मिनटों तक नारेबाजी की। कुछ पारा शिक्षकों ने बाद में कहा कि पांच जनवरी को प्रधानमंत्री अगर आएंगे तो वे काला झंडा दिखाएंगे।
-बच्चों के भविष्य से किसी को खिलवाड़ नहीं करने देंगे, सीएम से बात कर निर्णय लेंगे : मंत्री
-पारा शिक्षक 15, 20 और 25 हजार की स्लैब मांग रहे थे, 9 हजार से 13 हजार रुपये करने को तैयार थीं मंत्री
राज्य ब्यूरो, रांची : लगभग डेढ़ महीने से हड़ताल पर डटे पारा शिक्षकों के साथ राज्य सरकार की वार्ता विफल हो गई और पारा शिक्षक हड़ताल जारी रखने पर एक बार फिर डट गए। स्थायीकरण की मांग पर पारा शिक्षक तो डटे ही थे, वेतनमान को लेकर भी वार्ता में व्यवधान आया। पारा शिक्षक तीन स्लैब में वेतन की मांग कर रहे थे जबकि सरकार इससे कहीं कम राशि ऑफर कर रही थी। वेतनमान की मांग को भी मंत्री ने सिरे से खारिज कर दिया। आगे की वार्ता को लेकर कोई तिथि निर्धारित नहीं हो सकी है हालांकि अनुमान लगाया जा रहा है कि दो जनवरी 2019 को विभाग खुलने के बाद वार्ता होगी।
वार्ता असफल होने के बाद पारा शिक्षकों के प्रतिनिधियों ने कहा कि 5200 से 20,000 के वेतनमान की मांग की थी। शिक्षा मंत्री ने सीएम से चर्चा कर इस पर फैसला लेने का निर्णय लिया। पारा शिक्षक तीन स्लैब में 18 हजार, 20 हजार और 22 हजार की माग कर रहे थे। मंत्री नौ से तेरह हजार मानदेय करने को तैयार थी। पारा शिक्षकों ने कहा कि हड़ताल बेनतीजा रही और दो तारीख के बाद हड़ताल जारी रहेगी। इसके बाद प्रोजेक्ट भवन के बाहर डटे पारा शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
शिक्षा मंत्री ने वार्ता के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य को अधर में लटकने नहीं देंगे। मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रिमंडल और आम लोग तक चिंतित हैं। ऐसे में बच्चों के भविष्य को अधर में लटकने नहीं दिया जाएगा। इस मुद्दे पर सीएम से बात कर निर्णय लिया जाएगा। बातचीत का रास्ता अभी भी खुला है। हमेशा पारा शिक्षक कहते थे कि 150-250 रुपये बढ़ता है इसलिए हमने राउंड फीगर में राशि बढ़ाई। वेतनमान की मांग को मानना संभव नहीं है। मंत्री नीरा यादव ने कहा कि शिक्षकों के पद रिक्त हैं और इन पदों पर पारा शिक्षकों को एडजस्ट किया जाएगा। राज्य के विभिन्न जिलों में पारा शिक्षकों के रिक्त पदों के विरुद्ध अभ्यर्थी पारा शिक्षकों को रखने पर सरकार तैयार हो गई थी। शिक्षकों केरिक्त पद पारा शिक्षकों को बहाल करने की भी बात कही गई। प्राथमिकी वापस लेने की मांग पर मंत्री ने कहा कि विधि विभाग से परामर्श लेकर इसे वापस करने की कार्रवाई हो सकेगी।
बाहर निकलने के बाद पारा शिक्षकों ने जमकर नारेबाजी की और कहा कि उनकी मागें जायज हैं। वार्ता विफल रही है इसलिए उनका आदोलन अब जारी रहेगा। दर्जनों की संख्या में प्रोजेक्ट भवन केबाहर पारा शिक्षक जमे हुए थे जिन्होंने कुछ मिनटों तक नारेबाजी की। कुछ पारा शिक्षकों ने बाद में कहा कि पांच जनवरी को प्रधानमंत्री अगर आएंगे तो वे काला झंडा दिखाएंगे।