उर्दू शिक्षकों की बहाली नहीं निकाल रही झारखंड सरकार
उन्होंने
कहा कि अविभाजित बिहार में जो अधिकार मुस्लिमों को प्राप्त था, उन्हें अब
समाप्त किया जा रहा है। झारखंड में अभी तक अल्पसंख्यक वित्त निगम सहित कई
बोर्ड निगमों का गठन नहीं हुआ है। वहीं, झारखंड सरकार शिक्षक बहाली में
उर्दू शिक्षकों की बहाली नहीं निकाल कर अपनी मानसिकता का परिचय दे रही है।
झारखंड में मुसलमानों के कई और मसले हैं जो जस के तस हैं। झारखंड सरकार
सीएनटी एसपीटी में संशोधन करके आदिवासी को जमीन से बेदखल करने की साजिश रच
रही है। जब-जब केंद्र और राज्य में बीजेपी की सरकार बनी है, मुसलमान
आदिवासी और दलित को निशाना बनाया गया है। झारखंड में कई ऐसे मामले आए हैं,
जिनसे यह स्पष्ट होता है कि झारखंड सरकार मुसलमान, आदिवासी और दलितों के
साथ भेदभाव कर रही है। आने वाले दिनों में राजद झारखंड, बिहार समेत पूरे
देश से बीजेपी को उखाड़ फेंकने का काम करेगी।