नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने झारखंड में 3,600 से ज्यादा शिक्षकों को बुधवार को राहत प्रदान करते हुये उन्हें सेवा में बने रहने की अनुमति प्रदान की और उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। उच्च न्यायालय ने 21 सितंबर को झारखंड की ‘रोजगार
नीति-2016’ निरस्त कर दी थी। इस नीति के अंतर्गत राज्य के 13 अधिसूचित जिलों में वर्ग तीन और वर्ग चतुर्थ की शत प्रतिशत सरकारी नौकरियां दस साल के लिये स्थानीय निवासियों के लिये आरक्षित की गई थीं। न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ दायर अपीलों पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किये और याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे याचिकाओ की प्रति झारखंड सरकार के वकील को दें। उच्च न्यायालय ने 21 सितंबर के अपने फैसले में राज्य के 13 अधिसूचित जिलों में सरकारी स्कूलों में 8,423 सहायक हाई स्कूल शिक्षकों की चार साल पहले शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दी थी। इन जिलों में रांची, खुंटी, लोहरदगा, गुमला, सिमदेगा, लातेहर, पूर्वी सिंहभूमि, पश्चिमी सिंहभूमि, सेरायकेला-खरसावन, साहिबगंज, दुमक पाकुड़ और जमात्रा शामिल हैं। उच्च न्यायालय ने 8 ,423 पदों में से 3,600 से अधिक पदों पर हुयी नियुक्तियों को निरस्त कर दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा कि इस मामले में निहित मुद्दों को देखते हुये उसका मत है कि इस पर विचार की जरूरत है। पीठ ने इसके साथ ही इन अपीलों तथा इसमे हस्तक्षेप के लिये दायर आवेदनों को चार नवंबर के लिये सूचीबद्ध कर दिया। पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘इस दौरान, वे शिक्षक, जो अधिसूचित जिलों में काम कर रहे है, काम करते रहेंगे और उन्हें उच्च न्यायालय के फैसले की वजह से परेशान नहीं किया जायेगा। सुनवाई की अगली तारीख तक अंतरिम राहत जारी रहेगी।’’jharkhand teacher vacancy latest news jharkhand teacher vacancy 2021 jharkhand teacher news today jharkhand teacher vacancy news jharkhand teacher salary upcoming teacher vacancy in jharkhand 2020 jharkhand teacher recruitment primary teacher vacancy in jharkhand government
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