गालूडीह : सालबनी स्थित जेके बीएड कॉलेज सभागार में मंगलवार को झारखंड
इंटर कॉलेज शिक्षक संघ (जिक्टा) की बैठक अध्यक्ष डॉ संतोष सत्यार्थी की
अध्यक्षता में हुई. इसमें झारखंड के विभिन्न जिलों के इंटर कॉलेज के
शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए. डॉ संतोष सत्यार्थी ने कहा कि जिक्टा समान
कार्य के लिए समान वेतन की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 26 मार्च को रिट
याचिका दायर करेगा. बैठक में आम सहमति बनी है. उन्होंने कहा अगर हम एकजुट
नहीं हुए, तो आने वाले समय में मानदेय भी सरकार बंद कर देगी.
उन्होंने कहा कि इंटर कॉलेज शिक्षक एकीकृत बिहार के समय से बिना वेतन
के पढ़ा रहे हैं. इंटर कॉलेजों के शिक्षकों व कर्मियों की योग्यता वही है,
जो प्लस टू हाई स्कूलों के शिक्षकों व कर्मियों की है. हम से वही काम लिया
जाता है, तो जो प्लस टू स्कूलों के शिक्षकों से लिया जाता है. फिर सरकार हम
लोगों को वेतनमान क्यों नहीं देती. राज्य सरकार को कई बार अवगत कराया गया.
कोई पहल नहीं हुई.
वित्तरहित संस्थाओं को अनुदान देने का प्रावधान अव्यवहारिक : डॉ सुनील कुमार
संघ के प्रधान महासचिव डॉ सुनील कुमार सिन्हा ने कहा कि झारखंड सरकार
2004 में वित्तरहित संस्थाओं के लिए अनुदान देने का प्रावधान किया है, जो
अव्यवहारिक है. जांचोपरांत इंटर कॉलेजों को स्थानीय प्रस्वीकृति दी गयी है.
बावजूद बार-बार आधारभूत संरचना की जांच के नाम पर भया दोहन किया जाता है.
इससे संस्थानों की छवि धूमिल होती है. नियमावली के अनुसार संस्था को अनुदान
नहीं मिलता. 2017-18 में शिक्षा विभाग ने 85 करोड़ की राशि लैप्स कर दी और
18-19 में एक साथ दो वर्षों का अनुदान देने की योजना बनायी.
बैठक में संघ के महासचिव डॉ अरुण कुमार महतो, कोषाध्यक्ष प्रो राजाराम
सिंह आदि ने विचार रखे. वहीं यामिनी कांत महतो, कल्याणी देवी, जीतिका,
तानिया सरकार, संजू राय, प्रमिला मांझी, शकुंतला, जय शंकर,तपन कुमार, राणा
सिंह, विनय कुमार सिंह, रवि प्रकाश सिंह, डॉ काशीनाथ महतो, सुकुमार महतो,
मंजीत विश्वास, रमेश प्रसाद, विनय महतो, उत्तम महतो समेत विभिन्न जिलों के
अनेक शिक्षक उपस्थित थे.