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जून के पहले नहीं होगा किसी भी शिक्षक का स्थानांतरण-पदस्थापन

धनबाद : अंतरजिला से लेकर जिला स्तरीय स्थानांतरण पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने रोक लगा दी है। जून से पहले किसी भी सूरत में शिक्षकों का स्थानांतरण एवं पदस्थापन नहीं होगा। स्थानांतरण नीति बनाई जा रही है, इसी के अनुरूप शिक्षकों का स्थानांतरण व पदस्थापन होगा।
जिन जिलों में यह प्रक्रिया हो भी चुकी है, वहां इसे वापस लिया जाएगा। अंतरजिला या अन्य शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए जो भी फाइल राज्य कार्यालय पहुंची है, उसे जिलों को वापस करने का निर्देश दिया गया है। गुरुवार को आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशक विप्रा भाल ने डीईओ-डीएसई को यह निर्देश दिया। वीसी में चार माह से मानदेय का इंतजार कर रहे पारा शिक्षकों को भी राहत दी गई है। पारा शिक्षकों का एक माह का मानदेय जारी किया गया है। अगले एक-दो दिन में सभी को मानदेय मिल जाएगा। मैट्रिक-इंटर परीक्षा से लेकर अन्य कई महत्वपूर्ण निर्देश वीसी के जरिए डीईओ-डीएसई को दिए गए।
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वीसी में मिले महत्वपूर्ण निर्देश
- 2018 में शिक्षक पुरस्कार समारोह का आयोजन पांच सितंबर को ही किया जाएगा।
- इस बार शिक्षक पुरस्कार के लिए मिली राशि मार्च से पहले खर्च कर देनी है, 26 जनवरी को भी आयोजन किया जा सकता है।
- जनवरी में सभी बच्चों को खाता, आधार और डीबीटी की प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए। समय पर कार्य न होने पर बीईईओ व प्रधानाध्यापक जवाबदेह होंगे।
- पंचायतों एवं प्रखंडों को शून्य ड्रापआउट घोषित किया जाना है।
- प्रत्येक बीईईओ पांच-पांच को शून्य ड्रापआउट करने के लिए कार्य करें। जनवरी, फरवरी और मार्च तक प्रत्येक माह पांच-पांच पंचायत शून्य ड्रापआउट करें।
- मार्च तक कम से कम दो प्रखंड पूरी तरह से शून्य ड्रापआउट होने चाहिए।
- डीईओ अल्पसंख्यक विद्यालयों की जांच कर प्रतिवेदन राज्य को सौपेंगे।
- कैग की रिपोर्ट में जो भी त्रुटियां रह गई हैं, उसमें संशोधन कर जल्द से जल्द विभाग को उपलब्ध कराएं।
- मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जांच करें। सही पाया गया या गलत, यदि गलत है तो ऐसे स्कूलों पर क्या कार्रवाई की गई।
- दसवीं के कमजोर छात्रों के लिए स्पेशल कक्षाओं का संचालन करें, क्वेश्चन बैंक से इसकी तैयारी करवाएं।
- दसवीं के लिए ऐसे परीक्षा केंद्र बनाएं जहां से छात्रों को आने-जाने में असुविधा न हो।
- साक्षरता अभियान के तहत 2019 तक राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित करना है। इसके लिए वर्ष में चार बार परीक्षा कराएं। मार्च में आकलन परीक्षा आयोजित करें।

- कोर्ट केस के लंबित मामलों में शपथपत्र देने में एक-दो माह से अधिक समय नहीं लगाने को कहा गया है।

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