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प्लस टू का दर्जा तो मिला पर शिक्षक नहीं मिले

विष्णुगढ़ : 1956 में स्थापित विष्णुगढ़ उच्च विद्यालय को उत्क्रमित कर प्लस टू का दर्जा 2007 में ही मिल गया। लेकिन, यह विद्यालय आज भी शिक्षकों की कमी का दंश झेल रहा है। इसका सीधा प्रभाव बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।

प्लस टू में 700 विद्यार्थी हैं, जबकि 12 में से छह शिक्षक ही पदस्थापित हैं। इनमें भौतिकी, रसायन, अंग्रेजी, ¨हदी, संस्कृत के शिक्षक नहीं हैं। प्राचार्य के अलावा क्लर्क व लैब तकनीशियन की कमी बनी है। इसी तरह विद्यालय में 10 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए 11 में मात्र तीन शिक्षक ही तैनात हैं। इसमें एक प्रधानाध्पाक के अलावा दो शिक्षक शामिल हैं। विज्ञान, गणित के शिक्षक का अभाव बना हुआ है। विद्यालय में कमरों की कमी बनी हुई है। कुल 12 सेक्शन में जारी पढाई के लिए विद्यालय में 11 कमरे उपलब्ध हैं। विष्णुगढ़ उच्च विद्यालय को प्लस टू का दर्जा दे तो दिया गया। इसके लिए अलग से भवन का निर्माण नहीं करवाया गया। प्लस टू के तहत कला, विज्ञान एवं वाणिज्य के 700 से अधिक की संख्या में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के बैठने के लिए उच्च विद्यालय के कमरों का उपयोग किया जा रहा है। उच्च विद्यालय के पुराने भवन की स्थिति मरम्मत के अभाव में खस्ताहाल होकर रह गई है। छत से पानी रिसकर फर्श पर गिरता है। प्रधानाध्यापक नरेंद्र कुमार ने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए विभाग को लिखा गया है। शिक्षकों की तैनाती नहीं हुई है। प्लस टू के लिए भवन निर्माण को लेकर भी लिखा गया है लेकिन अभी भवन नहीं बना है।

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