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जांच का जंजाल, 148 नवनियुक्त शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी होने के बाद भी

धनबाद/ मुख्य संवाददाता  फर्जी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने में क्यों हो रही देर- फिर से जांच होने की हो रही चर्चा, 148 शिक्षकों का मामला धनबाद/ मुख्य संवाददाता 148 नवनियुक्त शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी होने के बाद भी कार्रवाई होने में देर क्यों हो रही है?
एक साल में जांच की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है? जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय कार्रवाई के लिए जांच प्रक्रिया से कब संतुष्ट होगा? जांच का जंजाल कब तक चलेगा? इन दिनों जिले के स्कूलों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। शिक्षक नियुक्ति के मामले में कई सवाल उठ रहे हैं। चर्चा है कि टेट से 135 प्रमाणपत्रों के फर्जी होने की बात प्रमाणित होने के बाद एक बार फिर से जांच कराई जा सकती है। जिला प्रशासन इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित करेगी। उसके बाद जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई हो। हालांकि इस मामले में कोई अधिकारी खुलकर नहीं बोल रहे हैं। ऐसे में चिह्नित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अभी और विलंब की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। बताते चलें कि डीएसई विनीत कुमार ने स्वयं रांची के जैक कार्यालय जाकर 135 नवनियुक्त शिक्षकों के टेट प्रमाणपत्रों की जांच कराई। जांच में सभी फर्जी पाया गया। इससे पूर्व 23 शिक्षकों का भी प्रमाणपत्र गलत है। कुल 148 शिक्षक अभी तक फर्जी प्रमाणपत्र पर बहाल हो चुके हैं। लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। 18 शिक्षकों को बर्खास्त किया गया था। लेकिन उसकी फिर से जांच शुरू कर दी गई। शोकॉज किए गए पत्रों काफी संख्या में बैरंग लौट आया है।

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