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देवघर में 1975 स्कूल 969 में बना ग्रुप 56 स्कूल में ही ऑनलाइन कक्षाएं

 जागरण सरोकार- सुशिक्षित समाज आरसी सिन्हा, देवघर: देवघर में प्राथमिक और मध्य विद्यालय की संख्या 1975 है। इसमें तकरीबन पचास फीसद स्कूल में वर्ग वार व्हाटसएप ग्रुप बना लिया गया है। 969 स्कूल ने अपना ग्रुप बनाने का डाटा शेयर किया है। 614 स्कूल ऐसे हैं जहां कक्षा वार ग्रुप बना लिया गया है।

आज की तारीख में भी पचास फीसद स्कूल के प्रधानाचार्य ने ग्रुप नहीं बनाया है। यदि बना लिया है तो इसकी सूचना डीएसई को नहीं दिया है। राज्य मुख्यालय को नहीं दिया है। ऑनलाइन क्लास की जब पड़ताल की गयी तो संप्रति 56 स्कूल में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की जा सकी है। स्कूली साक्षरता विभाग ने सभी स्कूलों में कक्षा वार ग्रुप बनाने को कहा है। इसके बाद शिक्षकों को आनलाइन कक्षाएं करनी है। आज की तारीख में देवघर के दस प्रखंड की बात की जाए तो वन टू थ्री में देवघर, सारवां एवं मोहनपुर है। औसत में देवीपुर, मारगोमुंडा और सारठ। थ्री बॉटम में मधुपुर, पालोजोरी एवं करौं है। कब तक सभी स्कूल में कक्षाएं शुरू हो जाएगी। डीएसई ने गूगल मीट कर मांगा जवाब बुधवार को डीएसई वीणा कुमारी ने जूम मीटिग कर उन सभी स्कूल के प्रधान से पूछा कि वह स्पष्ट करें कि अब तक ग्रुप का निर्माण और ऑनलाइन क्लास शुरू नहीं हो सका। स्कूली साक्षरता निदेशालय ने इस बार इतनी कड़ाई कर दिया है कि प्रतिदिन हेड मास्टर को रिपोर्ट भेजनी है। रिपोर्ट में किसी एक क्लास का स्क्रीन शॉट और लिक भी भेजना है। यही उनकी उपस्थिति रिपोर्ट होगी। विभाग ने छात्रों के लर्निंग लॉस को कम करने के लिए ही ग्रीष्मकालीन अवकाश को रद कर दिया है। आज नामांकन की अंतिम तारीख नामांकन की अंतिम तारीख 20 मई तय की गयी है। देवघर में प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय में 61,153 बच्चों का नामांकन हो चुका है। इसमें 16,443 स्टूडेंट व्हाटएप ग्रुप से जुड़ चुके हैं। कक्षा एक, छह एवं नवम में नामांकन के लिए भी रास्ता निकाल दिया गया था। नामांकन प्रपत्र को स्कूल प्रधान अपने व्हाटएप नंबर पर मंगा सकते हैं। लोकल ग्रुप में शेयर कर सकते हैं। स्कूल के बाहर ड्रॉप बाक्स रखने का भी प्रावधान किया गया है। जिन स्कूल में कक्षा एक से पंचम तक की पढ़ाई है वहां कक्षा दो से चार तक तो स्वत: नामांकन हो जाएगा। इसी तरह कक्षा दो से अष्टम तक स्वत: नामांकन हो जाना था। क्योंकि सबको प्रोन्नत दे दिया गया है। केस स्टडी विवेकानंद मध्य विद्यालय में 324 बच्चों का नामांकन हुआ है। यहां सात टीचर हैं। प्रधानाध्यापक संक्रमित हैं इसलिए श्वेता शर्मा अभी प्रभार में हैं और सारा दायित्व पूरा कर रही हैं। शिक्षिका श्वेता ने बताया कि व्हाटसएप ग्रुप से 234 बच्चे जुड़ चुके हैं। जेसीईआरटी के गाइड लाइन के मुताबिक कक्षा एक एवं दो के बच्चों को पढ़ाने का प्लान उनके अभिभावक के समय के हिसाब से तय किया जाता है। इन मासूम बच्चों को स्क्रीन का असर कम हो इसलिए वीडियो कॉल करके सुबह में होम वर्क दे दिया जाता है और शाम में पांच से छह बजे उनसे उस पर बात की जाती है। इससे उपर क्लास के बच्चों की कक्षाएं शाम छह से सात और आठ बजे अंतिम कक्षा होती है। ऐसा करने के पीछे मंशा यह कि बच्चों को सहूलियत से स्मार्टफोन उनके अभिभावक का मिल जाए।

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