रांची : शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद भी बायोमैट्रिक उपस्थिति नहीं
बनानेवाले पारा शिक्षकों के वेतन पर रोक लगायी जायेगी. राज्य परियोजना
निदेशक उमाशंकर सिंह ने इस संबंध में सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी
को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है. राज्य परियोजना निदेशक द्वारा जिलों को
भेजे गये पत्र में कहा गया है कि एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा द्वारा
राज्य परियोजना कार्यालय को यह जानकारी दी गयी है कि जब तक पारा शिक्षकों
के वेतनमान/स्थायीकरण पर नियमावली नहीं बनायी जाती है, पारा शिक्षक
बायोमैट्रिक उपस्थित नहीं बनायेंगे.
परियोजना को यह जानकारी मिली है कि कई जिलों में पारा शिक्षक सरकारी
शिक्षक की तरह बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, जबकि कई जिलों में
पारा शिक्षक बायोमैट्रिक उपस्थित नहीं बना रहे हैं. इस संबंध में पूर्व में
भी राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा दिशा-निर्देश जारी किया गया था, ऐसे
में उपस्थिति दर्ज नहीं करना विभागीय निर्देश का उल्लंघन है.
परियोजना निदेशक ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि
ऐसे पारा शिक्षक जो विद्यालय में रह कर बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं करा
रहे हैं, उन्हें अनुपस्थित मानकर उनका मानदेय भुगतान नहीं किया जाये.
पारा शिक्षक कर रहे हैं विरोध : राज्य के विभिन्न जिलों में पारा
शिक्षक बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करने का विरोध कर रहे हैं. एकीकृत पारा
शिक्षक संघर्ष मोर्चा की गत दिनों रांची में हुई राज्य स्तरीय बैठक में
विरोध किया गया था. पारा शिक्षकों का कहना है कि सरकार जब तक
स्थायीकरण/वेतनमान लागू करने को लेकर नियमावली नहीं बनाती है, तब तक शिक्षक
बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे. उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने
पारा शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी की है.
पारा शिक्षकों को बढ़े हुए मानदेय का भुगतान एक जनवरी से किया जायेगा.
राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा हड़ताल में शामिल नहीं होनेवाले पारा
शिक्षकों का भी नाम जिलों से मांगा गया है. हड़ताल में शामिल नहीं होनेवाले
पारा शिक्षकों के मानदेय का भुगतान जल्द किया जायेगा.