झारखंड पारा शिक्षकों का आक्रोश सरकार के खिलाफ बढ़ता ही जा रही है. पिछले 58 दिनों से सूबे के 67 हजार पारा शिक्षक
हड़ताल पर हैं. शनिवार को हल्ला बोल-पोल खोल कार्यक्रम के तहत धनबाद जिले
के पारा शिक्षकों ने भी हीरापुर स्थित भाजपा जिला कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन
किया.
सुबह से ही पारा शिक्षकों का जुटान धनबाद के जिला परिषद मैदान में होने लगा. फिर सैकड़ों की संख्या में पारा शिक्षक एकजुट होकर धनबाद के रणधीर वर्मा चौक से जुलूल लेकर हीरापुर भाजपा कार्यालय पहुंचे. इसमें भारी संख्या में महिला शिक्षक भी शामिल रहीं.
भाजपा कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना प्रदर्शन करने के साथ सरकार और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारे लगाए. छतीसगढ़ व बिहार की तर्ज पर वेतनमान देने की मांग की.पारा शिक्षक बीते 16 नवंबर से अपने विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं. सरकार से हुई बातचीत में भी सकारात्मक पहल नहीं होने के बाद से हड़ताल पर डटे हुए हैं.
पारा शिक्षकों के जिला अध्यक्ष अश्वनी कुमार सिंह ने कहा कि यह झारखंड सरकार के लिए चेतावनी है. हम लोगों ने भारी बहुमत से भाजपा सरकार को 2014 के चुनाव में जिताने का काम किया था. अगर सरकार हमारी मांगे नहीं पूरी करती है तो 2019 के चुनाव भाजपा के लिए भारी पड़ेगी. वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से भी वे लोग अपनी गुहार लगाएंगे, उनके कार्यक्रम का विरोध नहीं करेंगे.
सुबह से ही पारा शिक्षकों का जुटान धनबाद के जिला परिषद मैदान में होने लगा. फिर सैकड़ों की संख्या में पारा शिक्षक एकजुट होकर धनबाद के रणधीर वर्मा चौक से जुलूल लेकर हीरापुर भाजपा कार्यालय पहुंचे. इसमें भारी संख्या में महिला शिक्षक भी शामिल रहीं.
भाजपा कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना प्रदर्शन करने के साथ सरकार और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारे लगाए. छतीसगढ़ व बिहार की तर्ज पर वेतनमान देने की मांग की.पारा शिक्षक बीते 16 नवंबर से अपने विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं. सरकार से हुई बातचीत में भी सकारात्मक पहल नहीं होने के बाद से हड़ताल पर डटे हुए हैं.
पारा शिक्षकों के जिला अध्यक्ष अश्वनी कुमार सिंह ने कहा कि यह झारखंड सरकार के लिए चेतावनी है. हम लोगों ने भारी बहुमत से भाजपा सरकार को 2014 के चुनाव में जिताने का काम किया था. अगर सरकार हमारी मांगे नहीं पूरी करती है तो 2019 के चुनाव भाजपा के लिए भारी पड़ेगी. वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से भी वे लोग अपनी गुहार लगाएंगे, उनके कार्यक्रम का विरोध नहीं करेंगे.