रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड में आयोजित होनेवाली
शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) के आधार पर सफल अभ्यर्थियों को मिलनेवाले
प्रमाणपत्रों की मान्यता अब सात साल तक रहेगी। इससे इस परीक्षा में सफल
अभ्यर्थी सात वर्षों तक शिक्षक बनने की पात्रता रखेंगे। अभी तक राज्य में
हुई दो पात्रता परीक्षा के प्रमाणपत्रों की मान्यता पांच वर्ष तक ही थी।
राज्य सरकार शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रमाणपत्रों की मान्यता अवधि
बढ़ाने के लिए संबंधित नियमावली में संशोधन कर रही है। इस पर कार्मिक व
विधि विभाग की स्वीकृति मिलने के बाद कैबिनेट की मंजूरी ली जाएगी। बता दें
कि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होनेवाली सीटेट परीक्षा के प्रमाणपत्रों की
मान्यता सात साल तक ही होती है। राज्य में यह लागू नहीं हो सका था। इधर,
राज्य सरकार पूर्व में आयोजित दो शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रमाणपत्रों
की मान्यता की अवधि भी बढ़ा सकती है। बताया जाता है कि शिक्षक पात्रता
परीक्षा के पैटर्न में भी आंशिक बदलाव किए जा सकते हैं।
राज्य में हुई है महज दो परीक्षा : राज्य में शिक्षक
पात्रता परीक्षा महज दो बार हुई है। राज्य में इससे पहले यह परीक्षा दो साल
पूर्व हुई थी। अब नियमावली में संशोधन होने के बाद ही इस परीक्षा के आयोजन
की अनुशंसा झारखंड एकेडमिक काउंसिल को भेजी जाएगी। बता दें कि राष्ट्रीय
स्तर पर सीटेट परीक्षा लगभग प्रत्येक वर्ष होती है। अन्य कई राज्यों में भी
यह परीक्षा नियमित रूप से होती है। एनसीटीई द्वारा रेगुलेशन में भी यह
परीक्षा वर्ष में कम से कम एक बार अनिवार्य किया गया है।
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