रांची: राज्य के विवि टॉपरों को संबंधित विभाग में एक वर्ष तक पढ़ाने
पर अब प्रतिमाह 15 हजार रुपये मिलेंगे. वर्तमान में पांच हजार रुपये मिलते
हैं. राज्यपाल सह कुलाधिपति द्रौपदी मुरमू ने उक्त निर्देश बुधवार को
राजभवन में कोल्हान विवि व विनोबा भावे विवि के गोल्ड मैडलिस्ट विवि टॉपरों
से रू-ब-रू हो रही थीं. राज्यपाल ने कुलपति को निर्देश दिया कि सभी विवि
पुस्तकालयों के लिए किताबों और प्रयोगशाला में उपकरणों की खरीद के लिए
टॉपरों को इससे संबंधित कमेटी में शामिल करें. राज्यपाल ने टॉपरों से कहा
कि वे झारखंड राज्य के बहुमुल्य रत्न हैं. साथ ही अपने-अपने विवि के ब्रांड
एंबेसडर हैं.
अपनी पढ़ाई पूरी कर जिस क्षेत्र में जायें, अपना काम ईमानदारी और सच्चाई के साथ करें. उन्हें जो भी ज्ञान मिला है, उसका लाभ समाज को मिलना चाहिए. राज्यपाल ने कहा कि विवि के शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जायेगा, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल सके. जनजातीय भाषा विभाग की आधारभूत संरचना में वृद्धि के साथ उनकी लिपि का विकास किया जायेगा. प्राथमिक स्तर पर जनजातीय भाषाओं पर शिक्षा मिले, ताकि बच्चों में अपनी भाषा के प्रति लगाव उत्पन्न हो.
मौके पर छात्रों ने कोल्हान विवि में समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू करने व विनोबा भावे विवि में स्नातकोत्तर स्तर पर संगीत की पढ़ाई शुरू करने की मांग की. पुस्तकालयों में उर्दू की पुस्तकों की कमी की ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया गया. विनोबा भावे विवि में ब्यॉज हॉस्टल नहीं होने और भूगर्भशास्त्र विषय में शिक्षक की कमी की भी जानकारी दी. इस अवसर पर राज्यपाल के प्रधान सचिव संतोष कुमार सत्पथी, राज्यपाल के शैक्षणिक सलाहकार डॉ आनंद भूषण, राज्यपाल के अोएसडी राजीव कुमार सिन्हा, कुलपति डॉ आरपीपी सिंह, कुलपति डॉ गुरप्रीत सिंह, प्रोवीसी डॉ एमके सिन्हा सहित अन्य अधिकारी व विद्यार्थी उपस्थित थे.