जामताड़ा : शिक्षा को बढावा देने के लिए पंचायतस्तर पर हाई स्कूल और प्लस
टू विद्यालय खोलने की तैयारी शरू कर दी गई है। पंचायत के छात्र, छात्राएं
और अभिभावकों के लिए ये बहुत ही बड़ी खुशखबरी है। पंचायत स्तर पर प्लस टू
खुल जाने से पंचायत के छात्र व छात्राओं को काफी सुविधा होगी।
बताते चलें कि हाई स्कूल और प्लस टू विद्यालय बनाने का मानक विभाग ने तय किया है। पंचायत में चल रहे हाई स्कूल से पांच किलोमीटर की दूरी पर नया हाई स्कूल बनाया जायेगा। वही संबंधित प्लस टू विद्यालय से सात से आठ किलोमीटर की दूरी पर प्लस टू विद्यालय खोला जायेगा। इसके लिए सभी बीईईओ को सूचित कर दिया गया है।
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बीईईओ देंगे पूरी जानकारी : क्षेत्र में कहां हाई स्कूल और प्लस टू विद्यालय की आवश्यकता है इसी के आधार पर पंचायत में हाई स्कूल और प्लस टू विद्यालय बनाने का काम किया जायेगा। बताते चले कि पूरे जिले में करीब 59 हाई स्कूल है और पांच प्लस टू विद्यालय है। पंचायत स्तर पर शिक्षा विभाग के द्वारा हाई स्कूल व प्लस टू विद्यालय बन जाने से शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्र के छात्र व छात्राएं किसी तरह हाई स्कूल तक पढाई तो कर लेते है लेकिन जब बात प्लस टू में नामांकन करने की बात आती है तो वे पढाई छोड़ देती है। जिसका एक मात्र कारण है कि काफी दूरी पर प्लस टू विद्यालय होना। लंबी दूरी होने के कारण छात्र तो किसी तरह विद्यालय चले जाते हैं लेकिन छात्राओं के लिए मुश्किल है।
- शिक्षितों को मिलेगा रोजगार : पंचायत स्तर पर हाई स्कूल और प्लस टू खुल जाने से शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार का भी साधन मिलेगा। विभाग के द्वारा शिक्षक नियुक्ति किया जायेगा। जिसमें स्थानीयता के आधार पर शिक्षक बहाली किया जायेगा। इसका लाभ क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगारो को भी मिलेगा। काफी हद तक क्षेत्र से बेरोजगारी भी कम होगी। साथ ही प्लस टू और हाई स्कूल बन जाने से जिला का साक्षरता दर में भी बढोतरी होगी। अन्य जिला के अपेक्षा जामताड़ा जिला का साक्षरता दर मात्र 60 प्रतिशत है।
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ग्रामीणों को किया जाएगा जागरूक : पंचायत स्तर पर प्लस टू व हाई स्कूल बन जाने से ग्रामीण भी शिक्षा के प्रति जागरूक होंगे। अभिभावक बिना किसी हिचकिचाहट के अपने बच्चों को उच्च शिक्षा देने का काम करेंगे। बहरहाल जिले में मात्र पांच प्लस टू विद्यालय है। जिसके कारण छात्रों को परेशानियों का सामना पड़ता है। मैट्रिक परीक्षा पास करने के बाद जब छात्र प्लस टू में नामांकन के लिये आते है तो पता चलता है कि सीट फूल हो गया है। जिस कारण छात्र को जिले से बाहर आसनसोल या देवघर के प्लस टू में नामांकन कराना पड़ता है। जिस कारण गांव के छात्रों की पढाई भी प्रभावित होती है। प्लस टू में सीट कम होने के कारण हर साल विद्यालय के छात्र और प्रबंधन के बीच में विवाद भी होता है। अगर किसी का पैरवी है तो उसका नामांकन हो जाता है। बिना पैरवी वाले को नामांकन के लिए दर बदर भटकना पड़ता है।
वर्जन
सरकार के मुख्य सचिव राजबाला वर्मा का निर्देश है कि पंचायत में भी प्लस टू व हाई स्कूल खोला जाये। ताकि उच्च शिक्षा से वंचित बच्चे सुचारू रूप से अपनी पढ़ाई कर सकें।
- नारायण विश्वास, जिला शिक्षा पदाधिकारी जामताड़ा
बताते चलें कि हाई स्कूल और प्लस टू विद्यालय बनाने का मानक विभाग ने तय किया है। पंचायत में चल रहे हाई स्कूल से पांच किलोमीटर की दूरी पर नया हाई स्कूल बनाया जायेगा। वही संबंधित प्लस टू विद्यालय से सात से आठ किलोमीटर की दूरी पर प्लस टू विद्यालय खोला जायेगा। इसके लिए सभी बीईईओ को सूचित कर दिया गया है।
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बीईईओ देंगे पूरी जानकारी : क्षेत्र में कहां हाई स्कूल और प्लस टू विद्यालय की आवश्यकता है इसी के आधार पर पंचायत में हाई स्कूल और प्लस टू विद्यालय बनाने का काम किया जायेगा। बताते चले कि पूरे जिले में करीब 59 हाई स्कूल है और पांच प्लस टू विद्यालय है। पंचायत स्तर पर शिक्षा विभाग के द्वारा हाई स्कूल व प्लस टू विद्यालय बन जाने से शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्र के छात्र व छात्राएं किसी तरह हाई स्कूल तक पढाई तो कर लेते है लेकिन जब बात प्लस टू में नामांकन करने की बात आती है तो वे पढाई छोड़ देती है। जिसका एक मात्र कारण है कि काफी दूरी पर प्लस टू विद्यालय होना। लंबी दूरी होने के कारण छात्र तो किसी तरह विद्यालय चले जाते हैं लेकिन छात्राओं के लिए मुश्किल है।
- शिक्षितों को मिलेगा रोजगार : पंचायत स्तर पर हाई स्कूल और प्लस टू खुल जाने से शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार का भी साधन मिलेगा। विभाग के द्वारा शिक्षक नियुक्ति किया जायेगा। जिसमें स्थानीयता के आधार पर शिक्षक बहाली किया जायेगा। इसका लाभ क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगारो को भी मिलेगा। काफी हद तक क्षेत्र से बेरोजगारी भी कम होगी। साथ ही प्लस टू और हाई स्कूल बन जाने से जिला का साक्षरता दर में भी बढोतरी होगी। अन्य जिला के अपेक्षा जामताड़ा जिला का साक्षरता दर मात्र 60 प्रतिशत है।
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ग्रामीणों को किया जाएगा जागरूक : पंचायत स्तर पर प्लस टू व हाई स्कूल बन जाने से ग्रामीण भी शिक्षा के प्रति जागरूक होंगे। अभिभावक बिना किसी हिचकिचाहट के अपने बच्चों को उच्च शिक्षा देने का काम करेंगे। बहरहाल जिले में मात्र पांच प्लस टू विद्यालय है। जिसके कारण छात्रों को परेशानियों का सामना पड़ता है। मैट्रिक परीक्षा पास करने के बाद जब छात्र प्लस टू में नामांकन के लिये आते है तो पता चलता है कि सीट फूल हो गया है। जिस कारण छात्र को जिले से बाहर आसनसोल या देवघर के प्लस टू में नामांकन कराना पड़ता है। जिस कारण गांव के छात्रों की पढाई भी प्रभावित होती है। प्लस टू में सीट कम होने के कारण हर साल विद्यालय के छात्र और प्रबंधन के बीच में विवाद भी होता है। अगर किसी का पैरवी है तो उसका नामांकन हो जाता है। बिना पैरवी वाले को नामांकन के लिए दर बदर भटकना पड़ता है।
वर्जन
सरकार के मुख्य सचिव राजबाला वर्मा का निर्देश है कि पंचायत में भी प्लस टू व हाई स्कूल खोला जाये। ताकि उच्च शिक्षा से वंचित बच्चे सुचारू रूप से अपनी पढ़ाई कर सकें।
- नारायण विश्वास, जिला शिक्षा पदाधिकारी जामताड़ा