मेदिनीनगर : सूबे की सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चौपट कर दी
है। शिक्षा देने वाले शिक्षकों को अनुदान की राशि भी नहीं दी जा रही है। यह
शिक्षकों के साथ अन्याय है।
उक्त बातें सूबे के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने कहीं। वे बुधवार को
स्थानीय डीईओ कार्यालय के समक्ष झारखंड राज्य वित्तरहित शिक्षा संयुक्त
संघर्ष मोर्चा के आयोजित धरना में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि विडंबना है
कि सूबे के 200 से ज्यादा स्कूल व कॉलेज को बिना कारण अनुदान से वंचित रख
दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि आखिर सूबे के मुखिया क्या कर रहे हैं।
प्रधान सचिव एपी ¨सह क्यों उल्टे फैसले ले रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों को
आश्वस्त किया और कहा कि वे उनकी लड़ाई में पूरा साथ देंगे। मौके पर प्रदेश
महासचिव अर¨वद ¨सह ने कहा कि सरकार की बनी अनुदान नियमावली को उनके सचिव ही
उल्लंघन कर रहे हैं। बगैर किसी कारण के अनुदान की कटौती के साथ रोक रखी
है। कहा कि 5 अक्टूबर को 20 हजार शिक्षक मुख्यमंत्री का घेराव करेंगे। जिला
प्रभारी प्रियरंजन पाठक ने कहा कि शिक्षा सचिव सरकार को चुनौती दे रहे
हैं। सरकार के आदेश को भी नहीं मान रहे हैं। अनुदान को रोककर धृणित कार्य
कर रहे हैं। सोनभद्र इंटर कॉलेज नगर के प्राचार्य अनिल कुमार तिवारी ने
शिक्षा सचिव को ललकारा। कहा कि हिम्मत है तो मीडिल व हाईस्कूल के शिक्षकों
का वेतन बंद कर दिखाएं। कहा कि 23 सितंबर को प्रधानमंत्री के झारखंड आगमन
पर सभी वित्तरहित शिक्षक व कर्मचारी उपवास पर रहेंगे। उन्होंने 24 को गढ़वा
डीईओ कार्यालय पर धरना दिए जाने की घोषणा की। मौके पर देवेंद्र कुमार ¨सह,
अरूण कुमार धर दूबे, अमरेश कुमार, अनिल कुमार पांडेय, योगेंद्र प्रसाद
¨सह, वीरेंद्र यादव, रतन पांडेय, दिलीप ¨सह, केसरी कुमार, निरंजन ¨सह,
रामदत्त मिश्रा, नुरूल हक, वीरेंद्र तिवारी, पुलस्त तिवारी, अमरेश कुमार
¨सह, दीपक कुमार, राम अवध ¨सह कुशवाहा, सिद्धेश्वर ¨सह, शंभू शरण सिन्हा,
देवराज मिश्रा, शशिकांत प्रसाद, दिनेश ¨सह, मनीष कुमार, सुजीत वन पर,
अर्चना कुमारी, आशा तिग्गा, स्वास्ति कुमारी आदि ने संबोधित किया।
कार्यक्रम के पश्चात मोर्चा नेताओं ने मुख्यमंत्री के नाम डीईओ कार्यालय
में मांगपत्र सौंपा।