राज्य के अपर मुख्य सचिव (कार्मिक, प्रशासनिक सुधार राजभाषा विभाग) ने
एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा की मांगों पर विचार के लिए गठित समिति के
साथ बैठक की। समिति ने पारा शिक्षकों की नियुक्ति के लिए नई नियमावली
बनाने पर बल दिया। इसमें एक नियम बनाकर कॉमन एग्जाम लेने का सुझाव दिया,
जिसमें पारा शिक्षकों को उनकी सेवा अवधि व अनुभव के आधार पर कुछ अंक दिया
जा सकता है।
कॉमन एग्जाम में बेहतर अंक लाने वाले पारा शिक्षकों की ही नियुक्ति
होगी। वहीं, निर्धारित मानक से कम अंक लाने वालों को सेवामुक्त किया जा
सकता है। समिति ने यह भी सुझाव दिया कि उक्त परीक्षा में पारा शिक्षकों को
सम्मिलित होने का एक ही अवसर मिलना चाहिए। हालांकि इस संबंध में अंतिम
निर्णय लेने से पहले सभी प्रकार के वित्तीय मामले का आकलन कर उस पर वित्त
विभाग की सहमति अनिवार्य होगी।
समिति ने संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों से पारा शिक्षक कल्याण कोष के
संचालन व उस पर होने वाले व्यय का आकलन कर प्रस्ताव देने का निर्देश दिया।
नियमावली सहित अन्य सुझावों पर समिति की 10 अगस्त को होने वाली आंतरिक बैठक
में निर्णय लिया जाएगा।