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1346 में मात्र 209 शिक्षक, कैसे सुधरेगा मैट्रिक का रिजल्ट

डीइओ प्रदीप चौबे ने मैट्रिक का रिजल्ट सुधारने को लेकर किया मंथन 
फील्ड भ्रमण में जाने वाले सीआरपी-बीआरपी भी लेंगे क्लास
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम के हाई स्कूलों में शिक्षकों का घोर अभाव है. शिक्षकों की कमी के कारण हाई स्कूल की पढ़ाई सुचारू ढंग से नहीं हो पाती है.
 
नतीजा मैट्रिक का रिजल्ट अपेक्षित रूप से ठीक नहीं हो पाता है. इस साल भी मैट्रिक की परीक्षा होने में महज एक माह का समय शेष  है. इस एक माह में मैट्रिक के परीक्षार्थियों का रिजल्ट कैसे बेहतर हो, इसे लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रदीप चौबे ने शुक्रवार को जिला स्कूल के सभागार में शिक्षकों व सीआरपी-बीआरपी के साथ बैठक की. जिले का मैट्रिक रिजल्ट सुधारने को लेकर मंथन हुआ. सभी लोगों से मैट्रिक के परीक्षार्थियों को परीक्षा के लिए तैयार करने की डीइओ प्रदीप चौबे ने अपील की. तय हुआ कि फील्ड भ्रमण में जाने वाले सीआरपी-बीआरपी भी बच्चों से प्रश्न बैंक भरवायेंगे. किसी-किसी क्लास में जाकर बच्चों को पढ़ायेंगे भी. अंतिम समय में बच्चों को परीक्षा के लिए जरूरी सवालों पर फोकस कर पढ़ाई करने, किस विषय में किन-किन चैप्टर पर ध्यान दिया जाये, ये सारी बातें परीक्षार्थियों को बताने की बात कही गयी. मौके पर डीएसइ नीलम आइलिन टोप्नो, सदर बीइइओ, बीपीओ आदि उपस्थित थे.
 
हाई स्कूलों में प्रतिनियोजित शिक्षक दें अपना बेहतर
 

डीइओ ने जिले के विभिन्न शिक्षक संघों से भी मुलाकात की. शिक्षक संघों से भी मैट्रिक का रिजल्ट बेहतर करने को लेकर चर्चा की गयी. डीइओ ने हाई स्कूलों में प्रतिनियुक्त प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों को अपना बेहतर देने की अपील की. डीइओ ने कहा कि शिक्षकों की कमी की पूरी करना हमारा मुख्य मकसद होना चाहिए. हम कम शिक्षक में ही, जिले का रिजल्ट बेहतर करें, इस पर हमें कार्य करना होगा. जिले के शिक्षक इसे करने के लिए सक्षम हैं. बीते साल की अपेक्षा इस साल बेहतर रिजल्ट आने की कामना की गयी.

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