रोहतास। महाविद्यालय का विकास नियम कानून के दायरे में रहकर करना तथा
शिक्षकों के न्याय संगत हर मांग को मंजूर करना विश्वविद्यालय का काम है।
महाविद्यालयों को छोटे-मोटे विवादों को आपस में मिल बैठ कर सुलझा लेना
चाहिए। स्थानीय चौधरी चरण ¨सह महाविद्यालय में छात्राओं के कॉमन रूम की
आधारशिला रखने के उपरांत अपने संबोधन में वीर कुंवर ¨सह विश्वविद्यालय के
कुलपति डॉ नंद किशोर साहा ने यह बातें कही।
कुलपति ने कहा कि महाविद्यालय को खड़ा करने व उसे ¨सचित करने में शिक्षक
व कर्मियों का बड़ा योगदान होता है। इसलिए उन्हें प्रजातांत्रिक तरीके से
अपनी मांग रखने का हक है। शिक्षक व कर्मियों को गलत मांगो को मनवाने के लिए
हड़ताल व तालाबंदी संस्थाओं में नहीं करनी चाहिए। मेरे जैसे लोग आज हैं कल
नहीं रहेंगे। कुलपति के जिम्मे बहुत सारे काम महाविद्यालय व समाज के विकास
के लिए करना पड़ता है। शिक्षक व कर्मियों का अनुदान वेतन और प्रमोशन के सभी
मामले न्याय के मार्ग पर चलते हुए अवश्य पूरा करूंगा। उन्होंने ने कहा कि
यह महाविद्यालय चौधरी चरण ¨सह के नाम पर हैं जो एक महान किसान नेता व कुशल
शासक रहे। उनका जीवन दर्शन सभी को अपने जीवन में उतारना चाहिए। कार्यक्रम
को ¨सडिकेट सदस्य विमल सिहं, सचिव लक्ष्मण प्रसाद, सोमेश्वर ¨सह, राजेंद्र
¨सह, सिद्धेश्वर ¨सह आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता प्रचार्य हृदया नारायण
¨सह यादव व संचालन प्रो. कमख्या ¨सह ने किया। इससे पूर्व कुलपति व विशिष्ट
अतिथियों को कालेज प्रबंधन ने अंगवस्त्र और बुके दे सम्मानित किया।