शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया पर झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने सवाल उठाए
हैं। इसे नियम विरुद्ध बताते हुए संघ ने सोमवार को कांग्रेसी नेता आनंद
बिहारी दुबे के नेतृत्व में डीसी ऑफिस के सामने प्रदर्शन किया। फिर डीसी को
ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया- पदस्थापना के लिए जो सूची बनाई गई है, उसमें
एकरूपता नहीं है। शिक्षा विभाग ने मनमाना तरीके से कई पुराने, कहीं नए
शिक्षकों को चिन्हित किया है। यही नहीं गृह प्रखंड में पदस्थापना के नियम
के विपरीत दूसरे प्रखंड में भी शिक्षकों को पदस्थापित किया जा रहा है।
छात्र-शिक्षक अनुपात को जो आधार बनाया गया है, वह मई का है। जबकि 30 जून तक
नामांकन अभियान चला है। ऐसे में छात्र-शिक्षक अनुपात जून में बदल गया। संघ
ने महासचिव निखिल मंडल ने कहा- शिक्षकों की आपत्तियों को दूर करने के बाद
ही उनके पदस्थापन का कार्य पूरा किया जाए। वर्ना शिक्षक आंदोलन को बाध्य
होंगे। इधर, जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय द्वारा शिक्षकों की आपत्तियों को
दूर करते हुए स्थानांतरण के लिए फाइनल सूची जिला प्रशासन की वेबसाइट पर
अपलोड कर दी गई है। इसके आधार पर शिक्षक पदस्थापन के लिए आवेदन कर सकते
हैं।