धनबाद : सरकारी स्कूलों के शिक्षकों में इन दिनों पढ़ाई से ज्यादा
रेशनलाइजेशन यानी युक्तिकरण की चर्चा है। किसका किस तरीके से रेशनलाइजेशन
होगा, शिक्षकों की पहचान, मानक क्या होंगे, किसे प्राथमिकता मिलेगी आदि पर
जिक्र हो रहा है।
डीएसई कार्यालय में तो इसके लिए आवेदन भी आ चुके हैं।
हालांकि शिक्षकों के युक्तिकरण पर डीएसई विनीत कुमार ने स्थिति स्पष्ट कर
दी है। 525 शिक्षकों का रेशनलाइजेशन होगा। शिक्षक नियुक्ति की ही तरह
शिक्षकों के रेशनलाइजेशन के लिए भी काउंसिलिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
जिसकी जैसी मेधा उसे वैसा स्कूल मिलेगा। महिलाओं को इसमें कुछ छूट मिलने की
उम्मीद है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया कि नियमों के इतर किसी का भी
युक्तिकरण नहीं होगा, इसमें किसी की कोई पैरवी नहीं सुनी जाएगी। डीएसई
विनीत कुमार ने बताया कि छात्र संख्या कम होने और अन्य कारणों से विलय किए
गए 177 स्कूलों के शिक्षक और पारा शिक्षक भी इसमें शामिल होंगे। डीएसई
कार्यालय में युक्तिकरण या ट्रांसफर के लिए आए हुए आवेदनों पर विचार नहीं
किया जाएगा। युक्तिकरण के लिए विभाग की ओर से किसी भी तरह का आवेदन नहीं
मांगा गया है। इसलिए इन आवेदनों का कोई औचित्य नहीं है।
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इन नियमों के आधार पर होगा शिक्षक युक्तिकरण
- जिला स्तर पर शिक्षक-छात्र अनुपात की स्थिति।
- 200 से अधिक प्राथमिक एवं 500 से अधिक मध्य विद्यालयों में नामांकन और शिक्षकों की स्थिति।
- स्कूलों में नियमित एवं पारा शिक्षकों की संख्या।
- यूडायस में दर्ज आंकड़े एवं स्कूल में वास्तविक उपस्थिति।
- पारा शिक्षकों का युक्तिकरण ग्राम पंचायत एवं नजदीकी ग्राम पंचायत में होगा।