Important Posts

Advertisement

झारखंड : सरकार ने रेलवे को अब तक नहीं चुकाया पैसा, बच्चों को घुमाया था मैसूर, कोलकाता, पुरी

रांची : मुख्यमंत्री शैक्षणिक भ्रमण योजना के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों के बच्चों को दिल्ली, आगरा, कोलकाता, पुरी, भुवनेश्वर, बेंगलुरू व  मैसूर ले जाया गया. 
 
उनके साथ शिक्षक भी थे. तीन चरणों में शैक्षणिक भ्रमण पर गये बच्चों ने लौटकर सरकार के कदम की  सराहना की. वर्ष 2017-18 के शैक्षणिक भ्रमण योजना के तहत अंतिम ग्रुप के बच्चों को मुंबई व महाबालेश्वर ले जाने की योजना थी, पर एेसा नहीं हो सका. 
 
कारण यह कि राज्य सरकार की ओर से तीन चरणों में की गयी शैक्षणिक भ्रमण योजना की राशि का भुगतान रेलवे को अब तक नहीं किया गया है. रेलवे के अधिकारी बकाये के लिए स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग और  झारखंड शिक्षा परियोजना कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं.              
सितंबर से दिसंबर तक भ्रमण पर गये : सितंबर 2017  में मुख्यमंत्री शैक्षणिक भ्रमण योजना के तहत पहले चरण में सरकारी स्कूलों के बच्चे व शिक्षक दिल्ली और आगरा गये. नवंबर 2017 में दूसरे चरण में बच्चों को पुरी, भुवनेश्वर और काेलकाता ले जाया गया. 
 
दिसंबर 2017 में तीसरे ग्रुप में बच्चों को बेंगलुरू और मैसूर ले जाया गया.  प्रत्येक ग्रुप में 950 बच्चे और 50 शिक्षक शामिल थे. यानी तीनों ग्रुप में तीन हजार बच्चे व शिक्षक टूर पर गये. इन सभी के आने-जाने और  ट्रेन में खाने-पीने की व्यवस्था रेलवे की ओर से की गयी थी.   
एक करोड़ का भुगतान 2.17 करोड़ बकाया : बच्चों के शैक्षणिक भ्रमण के लिए बजट में 5.02 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था. वहीं, इस योजना के लिए स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने रेलवे के साथ एमओयू भी किया था. एमओयू की शर्त के अनुरूप रेलवे को एडवांस में राशि का भुगतान करना था.
 
प्रथम चरण के भ्रमण के लिए झारखंड शिक्षा परियोजना की ओर से रेलवे को एक करोड़ एक लाख रुपये का भुगतान भी किया गया. अगले दो चरणों की यात्रा के लिए रेलवे ने झारखंड शिक्षा परियोजना से 2.17 करोड़ रुपये की मांग की, लेकिन रेलवे को अब तक राशि का भुगतान नहीं हो सका है.   

कहां लंबित है भुगतान 
 
बच्चों के शैक्षणिक भ्रमण की जिम्मेदारी झारखंड शिक्षा परियोजना को  दी गयी थी. राशि का भुगतान भी झारखंड शिक्षा परियोजना के स्तर से होना है. भुगतान को लेकर आइआरसीटीसी के अधिकारी विभाग का चक्कर लगा रहे हैं.  रेलवे को राशि भुगतान में हुए विलंब से अागे बच्चों को भ्रमण पर ले जाने में परेशानी हो सकती है.
 
बच्चे शैक्षणिक भ्रमण पर गये थे, तो रेलवे को  समय पर राशि का भुगतान भी होना चाहिए था. राशि का भुगतान जल्द सुनिश्चित कराया जायेगा. किस कारण से अब तक राशि का भुगतान नहीं हुआ, इसे भी देखा जायेगा.
-एपी सिंह

प्रधान सचिव, स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग

UPTET news

Photography