राज्यपाल सह कुलाधिपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि राज्य में विश्वविद्यालय सेवा आयोग का गठन किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी, ताकि यूनिवर्सिटी शिक्षकों की लंबित समस्याओं का निराकरण तेजी से हो सके।
उन्होंने गुरुवार को राजभवन में अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले मिलने आए यूनिवर्सिटी शिक्षकों से बातचीत के क्रम ये बातें कहीं। शिक्षकों को लंबे समय से प्रमोशन नहीं मिलने पर चिंता भी जताई।
वहीं विवि शिक्षकों ने वर्षों से लंबित डिमांड की ओर राज्यपाल का ध्यान आकृष्ट कराया। सभी समस्याओं को सुनने बाद राज्यपाल ने समुचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल में डॉ. अशोक कुमार चौधरी, डॉ. ब्रजेश कुमार, डॉ. सुनीता कुमारी गुप्ता, डॉ. ज्योति प्रकाश, डॉ. सोनी तिवारी, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के डॉ. गोखुल नारायण दास, डॉ. राजकुमार चौबे समेत अन्य शिक्षक थे।
राज्यपाल से मिलने पहुंचे यूनिवर्सिटी शिक्षक।
गर्वनर की अध्यक्षता में हो उच्च शिक्षा संवाद
राज्यपाल से यूनिवर्सिटी शिक्षकों ने उच्च शिक्षा संवाद शुरू करने का आग्रह किया। कहा कि यह आपकी (कुलाधिपति) अध्यक्षता में हो। उच्च शिक्षा में क्वालिटी के लिए इसे जरूरी बताया। इस संवाद से उच्च शिक्षा की समस्याओं का निराकरण तेजी से होगा। इस क्रम में शिक्षक प्रतिनिधियों ने राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को 12 सूत्री मांगों का ज्ञापन भी सौंपा। कहा कि पड़ोसी राज्यों में विवि शिक्षकों को समय पर प्रमोशन मिल रहा है।
ये हैं यूनिवर्सिटी शिक्षकों की मुख्य डिमांड
फिफ्थ और सिक्स वेतनमान का एरियर भुगतान शीघ्र हो।
2008 में नियुक्त शिक्षकों को एजीपी 7000 रुपए मिले।
सभी बैच के शिक्षकों को लंबित प्रमोशन मिले।
विवि व कॉलेजों के पदों पर स्थाई शिक्षकों की नियुक्ति हो।
एफिलिएटेड कॉलेजों को दी जाने वाली अनुदान राशि में वृद्धि हो।
नवांगीभूत शिक्षकों को योगदान की तिथि से प्रमोशन दिया जाए।