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बीआरसी में पैसे होने के बावजूद पारा शिक्षकों को नहीं मिला तीन महीने से पगार

प्रखंडसंसाधन केंद्र अंतर्गत सर्व शिक्षा अभियान के तहत संचालित स्कूलों में अध्यापन करा रहे 220 पारा शिक्षक की तीन माह से अटकी मानदेय राशि की अंतिम उम्मीद भी मंगलवार को देर शाम बैंक बंद होने के साथ खत्म हो गयी।


बीआरसी की जमा राशि से बीईईओ सुनेश्वर चौधरी द्वारा भेजे गए प्रशिक्षकों के पेमेंट एडवाइस का मेल बैंक बंद होने तक नहीं पहुंचने से एसबीआई, रेहला शाखा के प्रबंधक चेतन तिर्की ने पेमेंट आने की आस जोह रहे पारा शिक्षक संघ के प्रदेश नेता राम निवास तिवारी प्रखंड अध्यक्ष बिनोद राम आदि को लिखित रूप से पेमेंट नहीं आने का लेटर दिया। इसके बाद नाउम्मीद पारा शिक्षकों ने आपात बैठक कर एओ सह बीईईओ चौधरी के बीआरसी के खाता से उनके मानदेय की राशि का एडवाइस बैंक में भेजे जाने की बात गलत निकलने पर उन्हें सबक सिखाने का प्रस्ताव पारित किया। साथ ही मानदेय भुगतान नहीं होने को लेकर आंदोलन चलाने का निर्णय लिया।

इस संबंध में पारा शिक्षक नेता रामनिवास तिवारी बिनोद राम, एकबाल अहमद, रामनाथ राम आदि ने आक्रोश जताया की शिक्षा सचिव ने जुलाई, अगस्त के बकाया मानदेय के साथ ही सितंबर का भी मासिक पगार के भुगतान के आदेश निर्गत किया था। बावजूद दशहरा मुहर्रम जैसे बड़े त्यौहार पर उन्हें अपने साथ बाल-बच्चे परिवार के अन्य सदस्य को फाकाकशी में गुजारना होगा। इसकी पूरी जवाबदेही बीआरसी के अधिकारी की होगी। इधर बीआरसी के बीईईओ ने कहा कि मानदेय का आवंटन प्राप्त नहीं होने के बावजूद उन्होंने बीआरसी के अन्य मद से किसी तरह एक माह के मानदेय भुगतान का एडवाइस एक दिन पहले सोमवार को ही एसबीआई, रेहला के बैंक मैनेजेर को मेल से भेज दिया हूं। इसके बावजूद यदि कहीं चूक हुई होगी, तो बुधवार को बैंक आवर में दुरुस्त करा दूंगा। हालांकि इन सब के बावजूद गुरुवार से चार दिनों तक लगातार बैंक बंद रहने से पारा शिक्षक को पगार त्यौहार पर नसीब होने की गुंजाइश कम दिखाई दे रही है। 

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