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पारा शिक्षकों को होली के पहले मिलेगा पांच माह का मानदेय

रांची, राज्य ब्यूरो। पारा शिक्षकों की हड़ताल के बाद राज्य सरकार ने उनके मानदेय बढ़ाने पर तो स्वीकृति दे दी है, लेकिन पारा शिक्षकों को पांच माह से मानदेय ही नहीं मिला है।
एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के नेता मानदेय भुगतान को लगातार झारखंड शिक्षा परियोजना कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। पारा शिक्षकों को पिछले वर्ष अक्टूबर माह से ही मानदेय नहीं मिला है। जबकि इस वर्ष जनवरी माह से ही बढ़ा हुआ मानदेय मिलना है। हालांकि शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने पारा शिक्षकों को आश्वासन दिया है कि होली के पहले उनके बकाया मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा।
बताया जाता है कि झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद राशि के अभाव में पारा शिक्षकों का मानदेय नहीं दे पा रहा है। इसके लिए 200 करोड़    रुपये की मांग राज्य सरकार से की गई है। इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा लगभग 20 हजार पारा शिक्षकों के मानदेय की राशि देने से इन्कार करने से भी राशि   की कमी हुई है। अब इन पारा शिक्षकों के लिए सौ फीसद मानदेय का वहन राज्य सरकार को करना पड़ रहा है। बता दें कि राज्य सरकार ने हड़ताल में रहनेवाले पारा शिक्षकों को उस अवधि (लगभग दो माह) के मानदेय नहीं देने का निर्णय लिया है।


सरकार ने हड़ताल में नो वर्क नो पे लागू किया था। इधर, एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के नेता संजय दुबे का कहना है कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात     करती है, लेकिन जब पारा शिक्षकों को समय पर मानदेय ही नहीं मिलेगा तो वे बच्चों को कैसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकेंगे। उनके अनुसार, पारा शिक्षक    बच्चों की अतिरिक्त कक्षाएं लेकर भरपाई को तैयार हैं, इसके बावजूद राज्य सरकार ने हड़ताल अवधि का वेतन नहीं देने का निर्णय ले लिया। इससे पारा शिक्षकों में आक्रोश है।

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