रांची : झारखंड के प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति
नियमावली में बदलाव होगा. स्कूली शिक्षा व साक्षरता मंत्री डॉ नीरा यादव
ने नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है. शिक्षक
नियुक्ति के लिए अब 250 अंकों की परीक्षा होगी. इसमें 50 अंकों की
जनजातीय/ क्षेत्रीय (जिला में टेट परीक्षा में अधिसूचित जनजातीय /
क्षेत्रीय भाषा)भाषा की परीक्षा होगी. जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा की
परीक्षा क्वालिफाइंग होगी.
जनजातीय/ क्षेत्रीय भाषा की परीक्षा जिला में टेट के लिए तय भाषा में से कोई एक भाषा में ली जायेगी. ऐसे में अब प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में शिक्षकों की सीधी नियुक्ति नहीं होगी. शिक्षक पात्रता परीक्षा में सफल अभ्यर्थी ही नियुक्ति परीक्षा में शामिल होंगे. नियुक्ति में कुल रिक्ति का 50 फीसदी पद पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित होगा. परीक्षा झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ली जायेगी.
जनजातीय/ क्षेत्रीय भाषा की परीक्षा जिला में टेट के लिए तय भाषा में से कोई एक भाषा में ली जायेगी. ऐसे में अब प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में शिक्षकों की सीधी नियुक्ति नहीं होगी. शिक्षक पात्रता परीक्षा में सफल अभ्यर्थी ही नियुक्ति परीक्षा में शामिल होंगे. नियुक्ति में कुल रिक्ति का 50 फीसदी पद पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित होगा. परीक्षा झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ली जायेगी.
अलग-अलग जिले के लिए एक साथ आवेदन लिये जायेंगे. एक अभ्यर्थी एक ही
जिला के लिए आवेदन कर सकेंगे. जिलों की मेरिट लिस्ट भी अलग होगी. अभ्यर्थी
जिस जिले के लिए आवेदन करेंगे, नियुक्ति उसी जिले में होगी. सफल
अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा निदेशालय द्वारा जिलों को की जायेगी.
कैबिनेट को भेजा जायेगा प्रस्ताव
नियुक्ति नियमावली में संशोधन को विभागीय स्तर पर स्वीकृति मिल गयी
है. प्रस्ताव विधि व कार्मिक विभाग को भेजा जायेगा. इसके बाद प्रस्ताव
कैबिनेट में भेजा जायेगा. कैबिनेट की स्वीकृति के बाद नियुक्ति प्रक्रिया
शुरू होगी. शिक्षक नियुक्ति नियमावली में संशोधन की प्रक्रिया लंबित होने
के कारण प्राथमिक व मध्य विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू
नहीं हो पा रही है. प्राथमिक व मध्य विद्यालय में शिक्षक नियुक्ति के लिए
15 हजार शिक्षकों का नये पद सृजन की प्रक्रिया चल रही है.
एक लाख टेट सफल कर रहे नियुक्ति का इंतजार
राज्य में एक लाख शिक्षक पात्रता परीक्षा सफल परीक्षार्थी शिक्षक
नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं. वर्ष 2013 की परीक्षा
पात्रता परीक्षा में 66 हजार परीक्षार्थी सफल हुए थे. इसमें से 16 हजार
अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई है. 50 हजार अभ्यर्थी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू
होने की इंतजार कर रहे हैं. इसके अलावा वर्ष 2016 की टेट में 52 हजार
अभ्यर्थी सफल हुए है. ऐसे में लगभग एक लाख परीक्षार्थी प्राथमिक शिक्षक
नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं.
क्याें लिया गया निर्णय
राज्य गठन के बाद से प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति नियमावली में दसवां
संशोधन है. वर्ष 2012 की नियमावली में शिक्षक पात्रता परीक्षा सफल
अभ्यर्थियों की सीधी नियुक्ति का प्रावधान किया गया था. सीधी नियुक्ति में
गड़बड़ी हुई. कई जिलों में फरजी प्रमाण पत्र के आधार पर शिक्षक नियुक्त हो
गये. जिला शिक्षा अधीक्षक ने भी मेरिट लिस्ट बनाने में गड़बड़ी की.
आरक्षण के प्रावधान का ठीक से पालन नहीं हुआ. पारा व गैरा पारा कोटि में
नियुक्ति में गड़बड़ी हुई. राज्य में अब तक लगभग 600 नव नियुक्ति शिक्षकों
की सेवा समाप्त की जा चुकी है. तीन जिला शिक्षा अधीक्षक निलंबित किये जा
चुके हैं. देवघर में शिक्षक नियुक्ति में गड़बड़ी का मामला हाइकोर्ट में चल
रहा है.
प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति नियमावली में कब-कब हुआ बदलाव कब-कब हुआ बदलाव
नियमावली बनी 29-06- 2002
पहला संशोधन 24-08-2002
दूसरा संशोधन 06-06-2003
तीसरा संशोधन 26-12-2006
चौथा संशोधन 14-08-2007
पांचवां संशोधन 16-09-2009
छठा संशोधन 23-10-2009
नयी नियमावली 05-09-2012
संशोधन 07-08-2015
नयी नियमावली की प्रक्रिया शुरू - वर्ष 2017