कांडी पंचायत के मुखिया विनोद प्रसाद ने युक्तिकरण के शिकार पंचायत के दो
विद्यालयों में पठन पाठन बाधित हो जाने पर चिंता व्यक्त की है। कहा कि
सरकार के युक्तिकरण अभियान को अधिकारियों ने अनियमितता का हथियार बना लिया
है। उन्होंने उन स्कूलों से भी शिक्षकों को हटा दिया है, जहां शिक्षकों की
भारी कमी है। इस तरह अधिकारियों ने सरकार को बदनाम करने की साजिश रची है।
उनके पंचायत के नयनाबार प्राथमिक विद्यालय से औपचारिक शिक्षक बलराम
मिश्र की बदली कर दी गई। अब यहां मात्र दो पारा शिक्षक ही बचे हैं।
जिन्हें पहली से पांचवीं कक्षा तक के 114 बच्चों को पढ़ाना है। इनमें
अनुसूचित जाति के 50, अल्प संख्यक 17 व अन्य जातियों के 37 बच्चे शामिल
हैं। दो शिक्षकों में से एक प्रधानाध्यापक हैं। जो ज्यादातर कार्यालय कार्य
में ही व्यस्त रहते हैं। इधर जमा दो उवि कांडी में राजकीय मवि कांडी का भी
विलय किया जा चुका है। फलस्वरूप यहां विद्यार्थियों की संख्या 22 सौ से
अधिक हो गई है। जिन्हें पढ़ाने के लिए मात्र 11 शिक्षक ही उपलब्ध हैं।
उवि में अभी और 28 शिक्षकों की सख्त जरूरत है। लेकिन युक्तिकरण के नाम पर
इस स्कूल से भी तीन शिक्षक सुमंत दुबे, मनोज मिश्र व अनिल राम को हटा दिया
गया। इस स्कूल में 22 वर्षों से साइंस व सात साल से हिन्दी भाषा की पढ़ाई
बंद पड़ी है। विलय के बाद मवि कांडी से आए सुमंत दुबे व मनोज मिश्र ने
किताबों पर जमी धूल की मोटी परत हटाकर क्रमश: विज्ञान व हिन्दी भाषा की
पढ़ाई शुरु की थी। लेकिन इन विषयों की पढ़ाई को फिर से बंद कराकर अधिकारी
इसे युक्तिकरण बता रहे हैं।
नयनाबार प्रावि।
28 शिक्षकों की कमी की अनदेखी कर दी गई
इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रखंड 20 सूत्री समिति के अध्यक्ष
रामलाला दुबे और मुखिया सह भाजपा नेता विनोद प्रसाद ने कहा कि युक्तिकरण के
निर्देश पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि कम छात्र और अधिक शिक्षक वाले
स्कूलों में से सरप्लस शिक्षकों को वहां भेजना है। लेकिन गढ़वा जिला में 28
शिक्षकों की कमी की अनदेखी कर जमा दो उवि कांडी से ही शिक्षक हटा दिए।
विडंबना है कि 32 छात्रों वाले भिलमा स्कूल में दो शिक्षकों के रहते तीसरे
शिक्षक को भी वहीं पदस्थापित कर दिया गया।
प्रदेश अध्यक्ष ने भी कहा गलत
सत्ताधारी दल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ने भी इस
निर्णय पर सवाल उठाते हुए पुनर्विचार की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा है कि
इस युक्तिकरण में 48 छात्रों पर एक शिक्षक का अनुपात रखा गया है जो गलत
है। प्रदेश अध्यक्ष ने इसमें सुधार करते हुए नीति आयोग के समग्र शिक्षा
अभियान के तहत 25-1 का अनुपात तय करने की जरूरत बताई है। स्थानीय नेताद्वय
ने उवि कांडी व नयनाबार के शिक्षकों की बदली तत्काल रद्द किए जाने की डीसी
से मांग की है।
जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई : डीसी
इस संबंध में उपायुक्त हर्ष मंगला ने कहा कि उन्हें अभी इसकी
जानकारी मिली है। इसका पता कर अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। मुखिया विनोद
प्रसाद ने इसे गंभीर मामला बताते हुए डीसी से कार्रवाई की फरियाद की थी।